कटरी क्षेत्र में बसे आधा दर्जन से ज्यादा गांव के
बाशिंदे सीमा विवाद का दंश झेल रहे हैं। यहां के लोगों के छोटे छोटे मामलों
का निस्तारण किस जिले से होगा, जानकारी नहीं। इसके चलते कटरी महादेवा गांव
में भूमि विवाद के कुछ मामले जब उलझे तो इसकी जानकारी अफसरों तक पहुंची।
मामला न सुलझने पर पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली।
सोमवार को अपर
आयुक्त प्रशासन डा. अनिल कुमार ने अफसरों के साथ गांव जाकर जायजा लिया।
कटरी क्षेत्र के महादेवा, बिछुइया समेत छह से ज्यादा गांव कन्नौज-हरदोई
सीमा विवाद में फंसे है। इस क्षेत्र में बाढ़ से जब जब कटान हुआ है, तब तब
यहां के बाशिंदों का जमीन विवाद रहा और यह स्थिति बनी हुई है।
कटरी महादेवा
गांव में अवैध जमीन पर कब्जे का मामला जब अफसरों तक पहुंचा, तब कन्नौज सदर
और बिलग्राम तहसील क्षेत्र के अफसर मौके पर गए और मामले को सुलझाने की
कोशिश की, पर विवाद सुलझा नहीं। नतीजतन एक पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट की शरण
ली। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को अपर आयुक्त प्रशासन डा. अनिल कुमार,
एसडीएम पीपी तिवारी, तहसीलदार रामचंद्र यादव के अलावा कन्नौज सदर तहसील के
अफसर गांव पहुंचे और जानकारी ली।
अफसरों ने किसानों के बयान दर्ज किए।
ज्ञात हो कि करीब डेढ़ माह पहले बिछुइया गांव में भी जमीनी विवाद उपजे,
जिसका निस्तारण तहसील अफसरों यहां के बाशिंदों से बात करने के बाद कहा था
कि वह सीमा विवाद का रिकॉर्ड राजस्व परिषद को भेज रहे हैं। इसके बाद ही
दोनों जिलों की सीमा निर्धारित कर विवाद का निस्तारण किया जाएगा।