फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेखा जोखा फीड करने की रही मशक्कत

Fri, 01 Apr 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
विज्ञापन
दफ्तर में काम करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हरदोई। विभागों में बजट सरेंडर करने की होड़ अब नहीं दिखाई पड़ती है जबकि विभाग के कर्मचारी देर रात तक इसी आस में बैठे रहते हैं कि शासन से कुछ बजट मिल जाए। ऐसा ही इस बार भी ट्रेजरी से लेकर विभागों में देखने को मिला। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन ट्रेजरी में बजट के लिए मांग पत्र पहुंचते रहे तो विभागों में भी कर्मचारी सब काम पूरा कर अब बजट की आस में बैठे दिखाई दिए। कुछ दिनों से जहां कर्मचारी देर शाम तक फाइलों में कैद दिखते रहे वहीं अंतिम दिन सुकून के पल गुजारते दिखे। हालांकि इक्का दुक्का विभाग ऐसे भी थे जहां के कर्मचारी फाइलों को उलट पुलट कर माथा पच्ची करते दिखे। लेकिन उन्होंने भी सब काम पूरा होने की बात कही। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जनपद के कुछ विभागों की लाइव रिपोर्ट-
विज्ञापन


रात 12 बजे तक चला ट्रेजरी में काम
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सबसे अधिक काम कोषागार कार्यालय में होता है। कोषागार कार्यालय में भी सभी विभागों के बजट के आने और सरेंडर करने की प्रक्रिया होती है। चूंकि अब विभागों को इतना बजट ही नहीं मिल पाता कि सरेंडर हो सके, ऐसे में विभागीय कर्मी बजट की आस में अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं। हालांकि अंतिम दिवस भी कोषागार कार्यालय के बंद होने का आठ बजे का आदेश आया लेकिन काम की अधिकता के चलते 12 बजे से पहले बंद नहीं हो सका। ट्रेजरी आफीसर डीडी प्रसाद ने बताया रात तक काम चलेगा।

काम पूरा हुआ अब बजट का हो रहा इंतजार
हरदोई। जनपद का समाज कल्याण विभाग और बाल विकास विभाग कार्यालय ने अपना सारा काम पूरा कर डाला। कोषागार कार्यालय में आवश्यक अभिलेख लगाने के बाद डिमांड का भी पत्र भेज दिया। जिसके बाद कर्मचारी अपने अपने कार्यालय में सुकून के पल गुजारते दिखे। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि बजट के लिए फोन किसी भी समय आ सकता है ऐसे में वह ट्रेजरी खुलने तक कार्यालय में रहेंगे। समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव ने बताया बजट का इंतजार रात 12 बजे तक करेंगे।
विज्ञापन


फाइलों में दिखी माथापच्ची
हरदोई। बजट सरेंडर करने से लेकर डिमांड को लेकर काफी माथापच्ची होती है। ऐसे में कुछ विभाग तो ऐसे भी दिखे जो देर रात को फाइलों में उलट फेर करते नजर आए। लघु सिंचाई विभाग सहायक अभियंता शैलेंद्र सिंह और विभाग के कर्मचारी फाइलों में नजरें दौड़ाकर किसी अवशेष बिंदु को तलाशते दिखे। ताकि कहीं पर कोई चूक न हो जाए। उन्होंने बताया कि देर रात तक कार्यालय खुला रहेगा।

मातहतों के साथ डटे रहे बीएसए
हरदोई। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जहां एक ओर कार्यालय में कर्मचारी अभिलेखों में व्यस्त नजर आएं। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के बीएसए डा. बृजेश मिश्र भी मातहतों के साथ कार्यालय में उपस्थित रहे। वह कर्मचारियों को बुलाकर फाइलों के बारे में जानकारी करते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें