जिला अस्पताल में मौजूद डीएम और एसपी के सामने ग्रामीणों ने राजस्व टीम पर
एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। कहा कि पैसा न देने की वजह
से राजस्व टीम गुरुवार को जेसीबी लेकर पहुंची और निर्माण कार्य ढहाने लगी।
कहा कि निर्माण कार्य की न तो गंभीरता से जांच की न ही पूर्व उन्हें कोई
नोटिस दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच कराने की बात
कही। देहात कोतवाली के कोढ़वा गांव में गुरुवार
की देर शाम हुई घटना के बाद अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी रमेश मिश्र और एसपी
उमेश कुमार सिंह को देखते ही ग्रामीणों ने राजस्व टीम पर आरोपों की झड़ी
लगा दी। उन्होंने कहा कि लेखपाल उनसे मकान निर्माण को लेकर एक लाख रुपये
मांग रहा था।
उसने धमकी दी थी यदि यह धनराशि उसने नहीं दी तो उसका मकान
गिरवा देगें। वह तीन दिनों से गांव के चक्कर काट रहा था। नायब तहसीलदार और
जेसीबी मशीन लेकर गांव पहुंच गए और निर्माण कार्य गिरवाने लगे। काफी मन्नत
के बाद भी उन लोगों ने उसकी एक न सुनी।
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन की न
तो जांच की गई और 122 बी की कार्रवाई का नोटिस दिया गया। अचानक जेसीबी से
मकान गिराना उन लोगों को काफी खला । उन्होनें आरोप लगाया कि राजस्व टीम ने
उनको गाली गलौज करते हुए उन्हेें खूब हड़काया और विरोध करने पर लेखपाल ने
रिवाल्वर से भीड़ पर फायर कर दिया, जिससे विशाल को गोली लग गई।
ग्रामीणों
ने दलील दी कि बालक को गोली लगने के बाद उन्होंने राजस्व टीम का विरोध
किया। उन्होंने लेखपाल समेत राजस्व टीम के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की।
उधर सूत्रों के अनुसार राजस्व टीम गांव पहुंची उसके बाद कोतवाली पुलिस को
सूचना दी गई। जिस पर एसआई और एक सिपाही मौके पर पहुंचा।
इससे पहले वहां पर
विवाद होने लगा था।वहीं एसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि एसडीएम के आदेश
पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची। वहां पहुचने पर उसने कोतवाली पुलिस को सूचना
दी। जिस पर एक दरोगा और सिपाही मौके पर गया था।