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Hardoi News: एसी 147 फिर भी किराये पर मरीज ला रहे पंखे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। फरवरी 2019 में जब हरदोई में मेडिकल कालेज का शिलान्यास तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था तो जिले भर के लोगों में मजबूत उम्मीद जगी थी। उम्मीद यह कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। 25 अक्टूबर 2021 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडिकल कालेज का वर्चुअल लोकार्पण किया, तो इन उम्मीदों को पर लग गए। स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों की बेहतरी को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए, लेकिन इन दावों की हकीकत अब सामने आ रही है।
शहर के ही प्रगतिनगर निवासी आरती देवी मेडिकल कालेज संबद्ध महिला चिकित्सालय में दूसरी मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती हैं। इस वार्ड में कई एसी लगे हैं , लेकिन एक भी एसी चलता नहीं है। पति सौरभ तिवारी के मुताबिक गर्मी से परेशान होकर 80 रुपये प्रतिदिन पर टेंट हाउस से पंखा किराए पर लाए। अब इसी किराए के पंखे से आरती को थोड़ी राहत मिल रही है। यह महज एक बानगी है। मेडिकल कालेज से संबद्ध पुरुष और महिला चिकित्सालय के किसी भी वार्ड या ओपीडी में एसी नहीं चलते। यह बात और है कि एसी लगे सब जगह हैं। मेडिकल कालेज की नई ओपीडी में 75 एसी लगे हैं। मेडिकल कालेज के अधीन संचालित महिला अस्पताल में 40 और पुरुष अस्पताल में 32 एसी लगे हैं।
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फोटो-1-यह तस्वीर मेडिकल कालेज के अधीन संचालित पीडियाट्रिक वार्ड की है। एसी तो लगा है, लेकिन चलता नहीं है। इस वार्ड में कई बार एक ही बेड पर दो दो बच्चों को लिटाकर इलाज करना पड़ता है। भीषणगर्मी में इससे होने वाली परेशानी का अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।

फोटो-2-यह तस्वीर भी मेडिकल कालेज के अधीन संचालित पीडियाट्रिक वार्ड की है। एसी बंद होने और ज्यादा मरीज होने के कारण उमस और गर्मी भरपूर है। मरीजों के तीमारदार घर से लाए गए हाथ के पंखों से मरीजों पर हवा कर रहे हैं।

फोटो-3-मेडिकल कालेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की यह तस्वीर मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों की परेशानी बताने के लिए काफी है। इस वार्ड में भी एसी तो लगे हैं, लेकिन एसी चलते नहीं हैं। पंखों में इतनी रफ्तार नहीं कि वह राहत दे सकें। तीमारदार पंखा डुला रहे हैं।
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वर्जन
समय समय पर सभी एसी की सर्विसिंग कराई जाती है। बिजली विभाग के मैकेनिक को सूचना दी गई है। खराब एसी तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। दो दिन के अंदरएसी सही करा दिए जाएंगे। एसी खराब होने की वजह इनका अधिक उपयोग में आना है।
डा. जेके वर्मा
सीएमएस, जिला अस्पताल
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