फोटो-26- जिला चिकित्सालय रोड पर आड़े-तिरछे जाते ई-रिक्शे। संवाद
फोटो-27- सोल्जर बोर्ड चौराहा के पास जाते ई- रिक्शे। संवाद
फोटो-28- स्टेशन रोड पर जाते ई- रिक्शे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। शहर में ई-रिक्शों की भरमार से चलना तक दुश्वार हो रहा है। ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो कोई नियम और न ही कोई कानून। रूट तय न होने के कारण सवारियां ढोने की होड़ में शहर की यातायात व्यवस्था का दम निकाल रही है। किराया तय न होने से सवारियों का शोषण भी हाे रहा है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यातायात में हो रही है।
पिछले कुछ साल से ई-रिक्शा की संख्या शहर में तेजी से बढ़ी है। अन्य तिपहिया और चौपहिया वाहनों की अपेक्षा कम बजट में ही किस्तों पर आसानी से ई-रिक्शा मिल जाते हैं। इनमें ईंधन भी इस्तेमाल नहीं होता और चार्जिंग प्वाइंट शहर में कहीं न होने पर अधिकांश चालक या तो घरेलू बिजली से या फिर सार्वजनिक जगहों पर लगे प्लग से वाहन चार्ज कर लेते हैं।
शहर में ई-रिक्शा चालक बेतरतीब ढंग से चलते हैं। यही वजह है कि शहर में यातायात व्यवस्था धड़ाम हो जाती है। यातायात निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने पर विचार विमर्श हो रहा है। यातायात प्रभावित न हो इसकी भी कोशिश की जा रही है।