फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: सॉफ्टवेयर में खामी से हैंग एक्सरे की पोर्टेबल मशीन, मरीज लौटे

विज्ञापन
फोटो-18- मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे कक्ष के बाहर परेशान बैठे मरीज। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के मरीजों को कुछ हद तक राहत देने वाली पोर्टेबल एक्सरे मशीन खराब हो गई है। सोमवार को 50 मरीजों का एक्सरे होने के बाद मशीन बंद हो गई। उसका सॉफ्टवेयर खराब हो गया इस कारण हैंग हो गई। मंगलवार को एक भी एक्सरे नहीं हो सके। मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज की एक्सरे मशीनों में लगी बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। डिजिटल एक्सरे मशीन लगभग एक साल से खराब पड़ी है। कुछ हद तक मरीजों को राहत देने के लिए पोर्टेबल एक्सरे मशीन की व्यवस्था कराई गई। इस मशीन की क्षमता कम होने के कारण आए दिन मशीन खराब हो जाती है। सोमवार को एक बार फिर से पोर्टेबल मशीन खराब हो गई। नाम न छापने के अनुरोध पर एक्सरे करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि पोर्टेबल मशीन का सॉफ्टवेयर खराब हो गया है।
इसकी वजह से मशीन हैंग हो गई है। अब मशीन ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया है। सोमवार को जैसे तैसे 50 मरीजों के एक्सरे हुए थे लेकिन बाद में मरीजों को वापस भेज दिया गया था। इनमें से कुछ मरीज मंगलवार को फिर से पहुंचे लेकिन निराशा ही हाथ लगी। मशीन सही होने के इंतजार में दो बजे तक कुछ मरीज बैठे भी रहे लेकिन फिर निराश होकर वापस चले गए।
विज्ञापन



केस-1- पिहानी के पुरवा बिजुद्दीनपुर निवासी मिट्ठू लाल ने बताया कि उसके फेफड़े में पानी है। एक्सरे कराने के लिए सोमवार को आए थे तो मशीन खराब होने से वापस कर दिया गया। आज भी सुबह आठ बजे से बैठे हैं 12 बज गए लेकिन अभी मशीन सही नहीं हुई। अब वापस किया जा रहा है।


केस-2- टड़ियावां के कुईंया डही निवासी संतोष देवी ने बताया कि हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। एक्सरे कराने के लिए कहा गया। सोमवार को भी लौटा दिया गया था और मंगलवार को भी जांच नहीं हो पाई। दूर गांव से आने-जाने में परेशानी होती है।


65 एक्सरे की क्षमता वाली मशीन से हो रहीं 150 जांच
मेडिकल कॉलेज में लगी पोर्टेबल मशीन की क्षमता सिर्फ 60 से 65 एक्सरे की है लेकिन रोजाना 150 से अधिक एक्सरे हो रहे हैं। अधिक लोड के कारण ही आए दिन मशीन खराब हो जाती है।



एक्सरे मशीन को बनाने के लिए टेक्नीशियन को बुलाया गया है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल काॅलेज

फोटो-18- मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे कक्ष के बाहर परेशान बैठे मरीज। संवाद

फोटो-18- मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे कक्ष के बाहर परेशान बैठे मरीज। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें