गुरुवार को मौसम के मिजाज और तीखे हो गए। सुबह घना कोहरा छाया रहा उसके बाद दिन भर बादलों घिरा रहा। तापमान में और गिरावट आने से साथ वातावरण में गलन बढ़ गई। सर्द हवाओं से ठिठुरते लोगों की दिनचर्या शीत लहर ने बिगाड़ दी है। ठंड से कंपकंपाते लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे। कामकाजी लोगों को मजबूरन घर से निकलना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी पर काम करने वाले कामगरों, मजदूरों एवं फील्ड पर करने वालों को हुई। ठंड से पशु, पक्षी भी बेहाल हैं। गुरुवार को तापमान का अधिकतम स्तर 16.0 एवं न्यूनतम 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। लोग ठंड से बचने के लिए तरह तरह के जतन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नदियों से घिरे क्षेत्रों में है। लोगों के लिए सर्दी से बचने के लिए आग ही सहारा बनी हुई हैं। शीत लहर के चलते लोगों की सुबह देर से हो रही है। ठंड से गरीब तबके के लोग खासे परेशान हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने गरीबों के मध्य कंबल वितरण आदि कर राहत देने के प्रयास जारी रखे हुए हैं लेकिन सभी गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
भीषण ठंड में भी नही जले अलाव
संडीला नगर पालिका नगर के लोगों को सुविधाएं देने का दावा करती है लेकिन भीषण ठंड होने के बावजूद भी अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। गत वर्ष नगर पालिका की ओर से नगर के लगभग दो दर्जन स्थानों पर अलाव जलाए गए थे। इस बार केवल बस स्टैंड, छोटा चौराहा, इमलियाबाग, नगर पालिका के पास, नगर कोतवाली, जूनियर हाई स्कूल के पास सहित एक दर्जन स्थानों पर अलाव जलाने के नाम पर खानापूर्ति ही की जा रही है। कुछ चुनिंदा स्थानों पर अलाव के नाम पर पेड़ की जड़ों के ठूंठ और धान की भूसी डाल दी गई है। ये सुलगते और धुंआ करते रहते हैं