फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंकड़ों में उलझा रहा प्रशासन, किसानाें पर मेहरबान शासन

Thu, 18 Sep 2014 05:31 AM IST
Hardoi
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने को लेकर आकंड़ों में उलझे रहे प्रशासन और मानसून की बेरुखी से परेशान किसानों आखिरकार शासन ने राहत दी। प्रदेश के 44 सूखाग्रस्त जिलों में हरदोई का भी नाम है। इससे किसानों में राहत की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

सूखे की मार को लेकर सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल तथा सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने भी माना था कि जिले में सूखे के हालात है। इसके लिए हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया था। जबकि प्रशासन के अफसर लगातार सूखाग्रस्त माने जाने को लेकर निर्धारित मानक की बात कहते रहे। यदि लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी से कम क्षेत्र में बुवाई होती है या फिर बुबाई के बाद 50 फीसदी क्षेत्र की फसलें सूख जाती है तभी सूखाग्रस्त माना जा सकता था। इस लिहाज से जिले में सामान्य से कम बारिश होने के बाद भी किसानों ने निजी संसाधनों से जिले के लक्ष्य करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 90 फीसदी के करीब फसलों की बुवाई कर डाली थी। लेकिन मानसून जुलाई और अगस्त में भी दगा दे गया। इसके कारण बडे़ पैमाने पर फसलें सूख गई। किसानाें की मानें तो 50 फीसदी से ज्यादा फसलें सूख गई। वहीं प्रशासन के आंकड़ों में यह औसत 30 के आसपास रहा। इसको लेकर जिले को सूखाग्रस्त नहीं माना जा रहा था। अब शासन ने मेहरबानी करते हुए जिले को भी सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है।
इंसेट-----------------------------
रंग लाई मेहनत
‘अमर उजाला’ ने अगस्त माह में किसानाें के हितों में सूखे की मार को लेकर समाचार प्रकाशित करने की जो मुहिम शुरू की थी। वह मुहिम भी आज अंजाम तक पहुंच गई। यह अलग बात है कि तहसीलों से आई सूचनाओं के आधार पर करीब तीस फीसदी फसलों का ही नुकसान ही प्रशासन ने बताया। पिछले दिनों यह साफ कर दिया था कि जिले में सूखा नहीं है। इसके बाद किसानों में काफी निराशा थी। मगर अमर उजाला ने इस ओर अपनी मुहिम जारी रखी।
विज्ञापन




इंसेट
खरीफ फसलों की बुवाई (हेक्टेयर में)
फसल लक्ष्य बुबाई
धान 150575 135515
मक्का 43083 41350
ज्वार 4079 3640
बाजरा 3818 3675
उर्द 18407 16450
मूंग 176 153
अरहर 1658 1475
मूंगफली 8950 8323
तिल 18168 16450
सोयाबीन 02 02

इंसेट
शासन से लगी उम्मीदें
* फसली नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि
* रबी की फसलों के लिए खाद बीज में रियायत
* लगान एवं राजस्व वसूली स्थगित रहना
* फसली ऋण अदायगी के लिए राहत
* फसली बीमा योजना से सहायता
* दैवीय आपदा के तौर पर विशेष रियायतें
* पशुओं के पेयजल एवं चारे की व्यवस्था
* पेयजल एचं खाद्यान्न के लिए सहायता
* नलकूपों, नहराें से पानी की व्यवस्था
* बिजली आपूर्ति के लिए व्यवस्था

वर्जन-----------------
जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद अभी शासन से सहायता/राहत संबंधी गाइड लाइन नहीं मिली है। शासन के निर्देशानुसार सभी सुविधाएं और राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन

पप्पू गुप्ता, एसडीएम सदर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें