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योजनाओं में नहीं दिखा दम, 24 घंटे आपूर्ति का टूटा भ्रम

Mon, 08 Sep 2014 05:31 AM IST
Hardoi
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हरदोई। विद्युत विभाग ने औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को राहत देने के उद्देश्य से 24 घंटे आपूर्ति देने की योजना बनाई। लेकिन हकीकत इससे परे है। समुचित आपूर्ति न मिलने से जहां उद्योगपतियों का उद्योगों से मोह भंग हो रहा है। वहीं जिला अस्पताल में भी 24 घंटे आपूर्ति सपना बनकर रह गई। खासकर औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेलाताली में उपकेंद्र की स्थापना की गई] लेकिन औद्योगिक क्षेत्र के अलावा इससे कई मोहल्लों को आपूर्ति दी जाने लगी। ऐसे में उपकेंद्र पर फाल्टों की भरमार से न तो औद्योगिक क्षेत्र को आपूर्ति मिल रही है और लोड अधिक होने से मोहल्लों में भी बिजली गुल रहती है। उधर जिला अस्पताल को भी 24 घंटे आपूर्ति देने की घोषणा कर देने के बाद आज तक योजना पर काम शुरू नहीं हो सका। अलग फीडर बनाने को धनराशि स्वीकृत है, लेकिन बजट अधूरा है। अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन उसका लाभ सभी मरीजों व तीमारदारों को नहीं मिल रहा। यह योजना सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई। इंडस्ट्रियल एरिया व जिला अस्पताल को विद्युत आपूर्ति पर अमर उजाला की एक रिपोर्ट।
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इंसेट
क्षमता बढ़ने पर भी काबू में नहीं आया लोड
इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगों को बढ़ाने के लिए 33/11 केवीए उपकेंद्र की स्थापना की गई। इससे सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया को आपूर्ति दिए जाने पर विचार किया गया, लेकिन धीरे-धीरे फीडर के साथ लोड बढ़ता गया। ऐसे में फाल्ट भी बढ गए। लोड पर काबू पाने के लिए उपकेंद्र की क्षमता 15 एमबी की गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। अत्यधिक लोड के कारण लाइनें टूट रही हैं और फाल्ट बढ़ रहे हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में आए दिन बिजली भी गुल रहती है।

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दो ट्रंासफार्मरों के हवाले 22 कनेक्शन
इंडस्ट्रियल एरिया के कुल 22 कनेक्शनों का लोड सिर्फ दो ट्रंासफार्मरों पर है। जानकारी के अनुसार उपकेंद के ही बाहर लगे ट्रंासफार्मरोें पर एक 11 केवीए लाइन का है और दूसरा एलटी लाइन का। इन ट्रंासफार्मरों पर लोड अधिक होने के बावजूद उच्च क्षमता के ट्रंासफार्मर नहीं लगाए गए हैं। जिससे आए दिन बिजली गुल होने से उद्योगों पर प्रभाव पड़ रहा है।
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उद्योग पतियों की मांगें बैठकों में नजरअंदाज
इंडस्ट्रियल एरिया में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दिए जाने को लेकर उद्योग बंधु की बैठकों में जिले के उद्योगपतियों ने कई बार मांगे उठाईं। लेकिन उनकी मांगों पर आज तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। उद्योगपतियों ने इंडस्ट्रियल एरिया से जोड़े गए अन्य मोहल्लों के अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र को अलग से आपूर्ति देने की मांग की, लेकिन अब बार उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया।

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रोस्टर के अनुसार ही होती कटौती
इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र में विद्युत रोस्टिंग भी पूरे शहर की ही भंाति होती है। शहर में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही इंडस्ट्रियल एरिया को आपूर्ति मिलती है। जिसमें कोई अंतर नहीं है। जबकि लोकल फाल्टों के कारण भी बिजली गुल रहती है।

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बेलाताली उपकेंद्र के फीडर
रेलवेगंज प्रथम, रेलवेगंज द्वितीय, आवास विकास कालोनी, सरकुलर रोड, इंडस्ट्रियल एरिया

इंडस्ट्रियल एरिया फीडर पर कनेक्शन
-11 केवीए लाइन पर दो कनेक्शन
-एलटी लाइन पर 20 कलेक्शन


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24 घंटे रोशनी के लिए अस्पताल को भी इंतजार
जिला अस्पताल में अलग से फीडर बनाने की अनुमति मिल गई, लेकिन अभी भी अस्पताल को 24 घंटे रोशनी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बीते 10 जून को तत्कालीन डीएम डा. हृषिकेश भास्कर की अध्यक्षता में ही बैठक में अस्पताल को 24 घंटे आपूर्ति के प्रस्ताव को मुहर लग गई और मन्नापुरवा में नवीन फीडर बनाने तथा अस्पताल तक भूमिगत केबिल डालने के लिए एक करोड़ 52 लाख 29 हजार 472 रुपये भी आवंटित कर दिए गए। लेकिन आधी धनराशि ही मिली। हालांकि स्टीमेट बनाकर भेजने की बात कही जा रही है।

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इंडस्ट्रियल एरिया को 24 घंटे आपूर्ति देने को मांग की जा रही है लेकिन इसका कोई आदेश नहीं आया है। यदि ऐसा आदेश आता है तो उसके लिए अलग व्यवस्था अपनाई जाएगी’।
केपी सिंह, अवर अभियंता, बेलाताली उपकेंद्र


‘अस्पताल को 24 घंटे आपूर्र्ति दिए जाने के संबंध में फीडर बनाया जाना है जिसके लिए अभी आधी धनराशि मिली है। स्टीमेट बनाकर निगम को भेजा जाएगा। धनराशि आते ही काम शुरू हो जाएगा’।
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सत्येंद्र पांडेय, उपखंड अधिकारी
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