सवायजपुर। विकास खंड भरखनी में कुपोषित बच्चोें और गर्भवती महिलाओं के समुचित विकास के लिए बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है। बताया जाता है कि योजना का जमीनी सत्यापन करने पर कहीं केंद्र बंद मिले, तो कहीं एनजीओ द्वारा हाटकुक्ड में घपला कर सरकार को चूना लगाया जा रहा था, जिससे पात्र लाभ से वंचित हो रहे हैं।
सीडीपीओ प्रमिला मिश्रा ने भरखनी ब्लाक के ज्यूरा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कार्यकत्री निशा सिंह की डीएम से ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत की जांच की, जो सही पाई गई। बताया जाता है कि यहां केंद्र बंद मिला। इसके अलावा बच्चे न होने पर भी हाटकुक्ड वितरण में एनजीओ द्वारा 35 बच्चों को खाना खिलाना दिखा दिया गया। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र कुरारी में आरती सिंह नदारद मिली। बताया जाता है कि यहां पोषाहार कभी वितरित ही नहीं किया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र मान नगला में कार्यकत्री रीता सिंह मौजूद थीं, पर सीडीपीओ को यहां बच्चे नहीं मिले। इतना ही नहीं सहायिका भी गायब थी। देखने पर अभिलेख भी नहीं मिले। आंगनबाड़ी केंद्र लुदियापुर में कार्यकत्री बृजरानी अनुपस्थित मिली और केंद्र बंद था।
भरखनी प्रथम में प्राथमिक विद्यालय में कार्यकत्री मौजूद थी, पर सहायिका नदारद थी। भरखनी द्वितीय में भी कार्यकत्री पुष्पा अनुपस्थित मिली और केंद्र का संचालन ठीक प्रकार से होता नहीं मिला। सीडीपीओ ने बताया कि ज्यूरा और कुरारी की कार्यकत्रियों की सेवा समाप्ति व अन्य के खिलाफ कार्रवाई के वह डीपीओ को अपनी जांच आख्या भेजेंगी। उधर, स्वयंसेवी संस्था द्वारा बच्चों के हाटकुक्ड मेें खिलवाड़ किया जा रहा है। सवायजपुर केंद्र में घटिया भोजन की शिकायत की गई, वहीं सहजनपुर न्याय पंचायत में मात्र दो बार ही हाटकुक्ड बांटे जाने की शिकायत मिली। डा. लोहिया समग्र ग्राम घसो में संस्था द्वारा अब तक एक बार भी बच्चों को गरम भोजन नहीं दिया गया, जिसके चलते बच्चों को भूखे पेट ही घर लौटना पड़ता है।