हरदोई। बिजली कटौती से एक तो वैसे ही लोग बेहाल हैं, वहीं शुक्रवार की रात को आई आंधी ने भी रही बची कसर निकाल ली। आंधी के बाद पूरे जिले की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। शहर में ही कई स्थानों पर तार टूट गए और आपूर्ति सुचारु करने में आधी रात से अधिक का समय गुजर गया। ग्रामीण क्षेत्र में आंधी का असर अधिक रहा। सुरसा क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा।
भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति के नखरे भी बढ़े हुए हैं। कटौती से त्रस्त लोग प्रदर्शन को मजबूर हैं, वहीं अफसरों के भी आपूर्ति को बनाए रखने में पसीने छूट रहे हैं, पर शुक्रवार की रात को जहां एक ओर बारिश से थोड़ी राहत मिली, वहीं आंधी ने बिजली व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। शुक्रवार की रात नौ बजे से शुरू हुई हवाओं ने धीरे धीरे रफ्तार पकड़ ली और दस बजे तक आंधी का रूप ले लिया। करीब आधा घंटे तक चली तेज हवाओं के बाद जहां एक ओर शहर में अंधेरा छाया रहा, वहीं कई स्थानों पर पेड़ व डाले गिरने से विद्युत तार टूट गए। पहले तो मन्नापुरवा स्थित ट्रांसफार्मर के जंफर जल गए, जिसे आंधी रुकने के बाद बनाया गया। करीब आधा घंटा बाद मन्नापुरवा से आपूर्ति शुरू की गई तो पता चला कि लखनऊ चुंगी पर 33 केवीए के तार पर पेड़ गिर पड़ा।
इसे दुरुस्त करने में रात के 12 बज गए। इसके अलावा अस्पताल रोड पर निर्वाचन कार्यालय के बाहर डाल टूटने से तार टूट गए, जबकि सांडी चुंगी के पास खंभा उखड़ गया। कई मोहल्लों में भी तार टूट गए। ऐसे में आपूर्ति सुचारु करने में रात के ढाई बज गए। सांडी फीडर के जंफर जल गया और मन्नापुरवा से सुरसा गई विद्युत लाइन का डबल पोल गिर पड़ा। सुरसा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारु करने में दूसरे दिन का समय गुजर गया। एसडीओ सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि शहर में आपूर्ति सुचारु करने का काम पूरा कर लिया गया, ग्रामीण क्षेत्र में भी काम शुरू करा दिया गया। उधर, आंधी व बारिश के बाद रात भर तो सुकून रहा, पर शनिवार को दिन चढ़ने के साथ गर्मी व उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया।
हालांकि, शनिवार को विद्युत आपूर्ति ने लोगोें को राहत प्रदान की। सुबह निर्धारित समय पर बिजली कटौती तो हुई, पर कुछ समय बाद आपूर्र्ति आ गई। जिसके बाद दिन भर आपूर्ति बनी रही और कटौती नहीं हुई।