हरदोई। गत वर्ष दिल्ली में 16 दिसंबर को हुई घटना में मौत के आगोश में समाई बहादुर बेटी दामिनी की पुण्य तिथि पर रविवार को समाजसेवियों ने खत्री धर्मशाला से शहीद उद्यान तक कैंडल मार्च निकाला। शहीद उद्यान पहुंचने के बाद यह मार्च एक सभा में तब्दील हो गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समाजसेवी आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन संकल्प का दिन है। जिस घटना से पूरा देश शर्मसार हुआ वैसी घटनाएं कम नहीं हुई। अब जरूरत है कि समाज में वैचारिक क्रांति के साथ युवा वर्ग को परिवर्तन के लिए तैयार करने की। बहादुर बिटिया को सच्ची श्रद्धांजलि तभी मिलेगी। जब हर बेटी और बहन सुरक्षित घर से निकले और सही सलामत घर पहुंचे। पूर्व प्राचार्य डा. बीडी शुक्ल ने कहा कि गिरती नैतिकता ही समाज में अमानवीय कृत्यों को बढ़ावा दे रही है। कमजोर नीतियों के चलते ही आज सरहदों पर सैनिक शहीद हो रहे हैं।
इस मौके पर संदीप सिन्हा, अनिल श्रीवास्तव, अंजली, चेतना, कुसुम जौहरी, राजीव सिंह, हरि किशोर श्रीवास्तव आदि मौजूद थे। उधर, हरदोई महोत्सव के आयोजन को लेकर खत्री धर्मशाला में रविवार को संपन्न हुई बैठक में छह फरवरी से 10 फरवरी तक महोत्सव कराने का फैसला लिया गया। इस मौके पर बैठक में आलोक श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, वसीम अहमद सिद्दीकी, हरगोविंद सेठी, मनीष चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।