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दो हत्याओं से थर्राया जिला

Mon, 24 Jun 2013 05:30 AM IST
Hardoi
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बिलग्राम/अतरौली। बिलग्राम थाना क्षेत्र के गांव डाभा में भूमि की वसीयत को लेकर चल रहे विवाद में जहां एक वृद्ध की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, वहीं अतरौली क्षेत्र के पीरनखेरा मजरा परसा में एक वृद्धा को लाठियों से पीटकर मार डाला और शव को तालाब की झाड़ी में फेंक दिया। जिले में दो लोगों की हत्या से सनसनी फैली हुई है। पुलिस अफसरानों ने दोनों घटनाओं को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए हैं
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बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के गांव डाभा निवासी बसंत कुमार का पुत्र विशंभर (65) घर के सामने पड़ी सहन की भूमि में सो रहा था। इसी बीच धारदार हथियारों से लैस हमलावरों ने उस पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचे कोतवाल अनिल कुशान ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा। विशंभर के भाई रामनाथ ने पुलिस को तहरीर दे बताया कि पिता बसंत कुमार ने अपनी भूमि की वसीयत उसके पुत्र श्रीराम, राजकु मार, विकास के नाम कर दी थी। इस मामले में चल रही मुकदमेबाजी के दौरान विशंभर द्वारा पैरवी न करने से उनका पुत्र साधू अपने पिता से नाराज चल रहा था।
इसी के चलते साधू ने विशंभर की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, अतरौली क्षेत्र के पीरनखेरा में कौशल सिंह का बाग है। बाग में आम की फसल को रामनरेश मौर्य ने खरीद लिया। आम की फसल बचाने को रोजाना की तरह रामनरेश की 70 वर्षीय मां सुमित्रा बाग में चारपाई पर लेट गई। रात में हमलावरों ने वृद्धा के सिर पर लाठी से वार कर मौत के घाट उतारते हुए शव को झाड़ियों में फेंक फरार हो गया। सुबह वृद्धा का पुत्र रामनरेश बाग आया और चारपाई पर मां के न मिलने पर तलाश शुरू की। तब तक पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए।
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शव को घसीटने के निशान देख लोग झाड़ियों तक पहुंचे, जहां वृद्धा का शव देखकर कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया। मौके पर पहुंचे सीओ सुखराम भारती ने मुआयना कर घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश मातहतों को दिए। रामनरेश ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिलहाल हत्यारा पुलिस की पकड़ से दूर है। उधर, एसओ बीपी यादव ने बताया कि हत्यारा नंगे पैर आया और खेत में अपने पदचिह्न छोड़ गया है। वृद्धा के पुत्र रामनरेश ने किसी से दुश्मनी न होने की बात कही है।
इंसेट
खून से सना सहन बयां कर रहा था वीभत्सता
बिलग्राम। दीवार पर पड़े खून के छींटे साफ बयां कर रहे थे हमलावर किसी भी हालत में विशंभर को जीवित नहीं देखना चाहते थे। ज्ञात हो कि विशंभर और उसके भाई रामनाथ के पुत्रों के नाम वसीयत का मुकदमा तहसीलदार कोर्ट में चल रहा था और आठ मई को विशंभर के पक्ष में फैसला आया था। उसके बाद 6 जून को एसडीएम कोर्ट में अपील की गई और 25 जून को सुनवाई की तारीख लगी थी। इसी बीच विशंभर की हत्या कर दी गई। हालांकि, पुत्र के रात से गायब होने से मामला फंस गया है। विशंभर के भाई रामनाथ ने भले ही मृतक के पुत्र को ही आरोपित किया है, पर मामले की गुत्थी उलझती नजर आ रही है।
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