हरदोई। ग्राम पंचायत लमकन में कई माह पूर्व मनरेगा के तहत प्रधान पर अनियमितता करते हुए लाखों रुपये के गबन के मामले में तकनीकी रिपोर्ट का पेंच फंस गया है। जेई द्वारा पांच माह से तकनीकी रिपोर्ट न देने से जांच अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। उधर, जांच अफसर ने मामला सीडीओ तक पहुंचाने एवं कार्रवाई होने की बात कही है। कई रिमाइंडर बीडीओ को भी भेजने के बाद कोई हल नहीं निकला है।
मामला ग्राम पंचायत लमकन विकास खंड सांडी का है, जहां पर एक व्यक्ति द्वारा प्रधान पर मनरेगा और ग्राम निधि खाता प्रथम से निकाले गए धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था। साथ ही इसकी जांच कराने की मांग डीएम और सीडीओ से की थी। इसके बाद डीएम और सीडीओ द्वारा इसकी जांच कराने को लेकर जिला स्तरीय अधिकारी नामित कर दिए गए थे। यही नहीं सीडीओ द्वारा दिए निर्देशों के बाद ग्राम पंचायत जाकर जांच अफसर जिला युवा कल्याण अधिकारी आरए सैनी जांच भी कर आए थे, पर किसी निष्कर्ष पर निकलने से पूर्व उनके द्वारा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के एक जेई से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई थी।
इसको लेकर उनके द्वारा सीडीओ द्वारा नामित अधिकारी होने सहित जांच का हवाला देकर रिपोर्ट मांगी गई थी, पर पांच माह गुजरने के बाद वह रिपोर्ट उनके द्वारा विभागीय अधिकारी को नहीं मिल सकी है। इस ओर संबंधित विभागीय अफसरों का कहना है कि इस तरफ दो से तीन रिमाइंडर भेजे गए। जब इनके भी कोई जवाब नहीं आया, तो बीडीओ को पत्र लिखा गया, पर वहां से भी कोई कदम नहीं उठाया गया। इस बाबत युवा कल्याण के विभागीय सूत्रों का कहना है कि पूरा मसला मुख्य विकास अधिकारी तक के संज्ञान में भी ले जाया जा रहा है। इसके बाद आरोपित पर कार्रवाई हो या न हो यह तो जांच रिपोर्ट बताएगी।
पर, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के लिए संबंधित जेई को जवाब देना पड़ सकता है। बहरहाल क्षेत्र से लेकर अधिकारियों तक में इस बात की चर्चा है कि आखिर जेई रिपोर्ट देने से कतरा क्यों रहे हैं।