हरदोई/बिलग्राम। डीएम के निर्देशों पर अमल करके यदि वन व पशुपालन विभाग की टीमों ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी, तो घुमंतू गायें किसानों की फसलों को नहीं रौंद सकेंगी। दोनों विभाग ने सबसे पहले बिलग्राम क्षेत्र में धरपकड़ कार्य शुरू करने का दावा किया है। जिले में पकड़ी गई गायों की संख्या ज्यादा हुई तो उन्हें लखीमपुर के बाड़े में बंद करने को रवाना किया जाएगा।
जिले के अधिकांश गांव व क्षेत्र के किसान हर फसली मौसम में कुदरत के कहर का शिकार तो होते ही रहते हैं, इसके साथ ही घुमंतू गायें भी फसलों को उजाड़ती रहती हैं। इससे खीझकर जिले के किसानों ने भाकियू के बैनर तले डीएम के समक्ष गुहार की थी और इन घुमंतू गायों को पकड़ कर उनकी फ सलों की सुरक्षा दिलाने की मांग की थी। जिसके बाद डीएम एके द्विवेदी ने पशुपालन विभाग तथा वन विभाग के अफसरों को निर्देशित किया था कि किसानों की इस समस्या को दूर करने को अभियान चलाया जाए और आवारा पशुओं, गायों की धरपकड़ की जाए। जिसको लेकर पशुपालन व वन विभाग की टीमों को भी गठित कर लिया गया है।
इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. मुकेश का कहना है कि डीएम के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। धरपकड़ होने पर यदि संख्या ज्यादा हुई, तो गायों क ो लखीमपुर भेजा जाएगा, क्योंकि जिले में इतनी संख्या में पशुओं को बंद करने की कोई सुविधा नहीं है। उधर, सबसे पहले अतर्छाखुर्द में अभियान चलाने की रणनीति बनाई गई है। अफसरों की मानें तो सिर्फ यही के इर्द गिर्द दो हजार से ज्यादा गायों के पकड़े जाने की उम्मीद है। उधर, प्रशासनिक तौर पर हुई वार्ता में विभागों की टीमों को तो इस ओर अलर्ट कर दिया गया, पर ट्रक कहां से आएंगे बात आई गई हो गई।
इसके बाद टीमें तो सुबह सोमवार को ही पहुंच गई थीं, पर बंद करने के लिए ट्रक उपलब्ध न होने के कारण अभियान को एक दिन बाद से शुरू करने की बात कही गई। पशुपालन विभाग की टीम ने ट्रक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भाकियू पदाधिकारियों की बताई है।