हरदोई। शहर में आवासीय स्थलों को कामर्शियल भवन बने हैं। इनका रिकार्ड नगर पालिका के पास नहीं है। इससे उन पर भी कामर्शियल के बजाए सामान्य गृहकर लिया जा रहा है। इससे पालिका के राजस्व को चूना लग रहा है। शहर में कई घरों की छतों पर मोबाइल टावर लगे हैं। इसके अलावा बैंक, कार्यालय, कोचिंग क्लासेज के साथ रेस्टोरेंट, शोरूम, गेस्टहाउस तथा होटल भी चल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार शहर में दो दर्जन से अधिक होटल तथा गेस्टहाउस एवं सौ से अधिक कोचिंग क्लासेज एवं तीन दर्जन से अधिक स्कूल, पचास से अधिक मोबाइल टावर तथा कई दर्जन बैंक एवं अन्य निजी क्षेत्र के कार्यालय आदि संचालित हो रहे हैं। इनमें पचास फीसदी से अधिक स्थनों पर बिना कनवर्जन कराए ही आवासीय स्थलों का व्यवसायिक प्रयोग हो रहा है। नगर पालिका परिषद में करीब 25 हजार भवन दर्ज हैं जिसमें कामर्शियल उपयोग बाले भवनों की संख्या 1 हजार के नीचे है। साल का औसतन टैक्स करीब 1 करोड़ है। इसमें भी ज्यादातर लोगोें द्वारा समय से टैक्स जमा नहीं किया जाता है। अगर व्यवसायिक कार्य करने वाले सभी भवनों पर कामर्शियल उपयोग के अनुसार भवन कर मिलना शुरू हो जाए तो नगर पालिका आय काफी बढ़ सकती है।