हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को सर्दी के बावजूद भी कंबल नहीं दिए जाते हैं। कंबल उन्हीं मरीजों को मिलता है, जो उसकी मांग करते हैं, जबकि कंबल भी काफी पुराने हो जाने से ठंड भी नहीं बच पाती है।
इसको लेकर अमर उजाला के अंक में शुक्रवार को ही खबर का प्रकाशन किया गया। अखबार में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने नए कंबलों की खरीद का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों काे भेज दिया है। साथ ही कंबलों की सफाई के लिए ड्राई क्लीनिंग की व्यवस्था भी मेडिकल कॉलेज में ही की जाएगी।
सर्दी का असर बढ़ना शुरू हो गया है, रात में तो काफी सर्दी हाे चुकी है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज के वार्डों में भर्ती मरीजों को सर्दी से बचाव के लिए कंबल नहीं मिलते हैं। आईपीडी वार्ड में भर्ती उन्हीं मरीजों को कंबल मिलता है, जो उसकी मांग करते हैं। इस मामले में यह भी बताया जा रहा है कि कई मरीज अस्पताल के कंबलाें को संक्रमित समझते हैं और स्वच्छता के चलते कर्मचारियों से कंबल नहीं मांगते हैं।
मरीज अपने घर से ही लाए कंबलाें का प्रयोग करते हैं। इसको लेकर अमर उजाला में खबर का प्रकाशन होते ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेविन विष्णु गोगोई ने वार्डों का निरीक्षण किया और समस्या को समझा। प्राचार्य ने कार्यालय पहुंचते ही स्थानीय मेडिकल कॉलेज के लिए 800 नए कंबलों को भेजे जाने के संबंध में उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया है। उन्होंने बताया कि कंबल जल्द से जल्द मंगवाए जाएंगे ताकि मरीजों को सर्दी में समस्या का सामना न करना पड़े।
कंबलों की सफाई के लिए बनेगी लांड्री
हरदोई। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि कई मरीज कंबलों में संक्रमण को स्वास्थ्य को देखते हुए मांग नहीं करते हैं, लेकिन अब उस समस्या का हल भी निकाल लिया गया है। बताया कि आउटसोर्सिंग के जरिये कंबलों की सफाई भी करवाई जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में ही लांड्री भी शुरू कराई जाएगी। अगले छह माह में कंबल और बेड शीट की सफाई का काम अस्पताल की लांड्री में ही हो सकेगा।
मरीजों को कंबल के लिए नहीं किया जाएगा मना
हरदोई। मेडिकल कॉलेज की ओर से प्रवक्ता डॉ. शिवम यादव ने बताया कि आईपीडी में भर्ती मरीजों को कंबल के लिए कोई कर्मचारी मना नहीं कर सकता है। अगर मरीज को एक कंबल में सर्दी से बचाव नहीं हो रहा है तो वह दो या फिर तीन कंबल भी ले सकता है। हालांकि, तीमारदारों को कंबल नहीं दिया जा सकेगा। मरीज के पास एक से अधिक तीमारदार को रुकने की अनुमति नहीं है।