तालाब किनारे मृत पड़े कछुए। संवाद
- फोटो : HARDOI
बिलग्राम (हरदोई)। राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात ग्राम ककराखेड़ा के कछुआ तालाब में रविवार की रात कछुआ चुराने की नियत से कुछ लोगों ने जाल डाला। सुबह तालाब के किनारे जाल व सात कछुए मृत पड़े मिले। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी एसडीएम दीपक वर्मा को दी। एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग के अधिकारी पहुंचे। कछुओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों का कहना है तालाब में जाल किसने डाला, शिकारी या तस्कर कछुए चुराने में सफल हुए या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
बिलग्राम क्षेत्र के ग्राम ककराखेड़ा में स्थित तालाब नमामि गंगे जल शक्ति मिशन से जोड़ा गया था। इसके बाद तालाब को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हुई थी। तालाब में दशकों से हजारों की संख्या में कछुए पल रहे हैं। तालाब का संरक्षण जिला प्रशासन व राजस्व विभाग द्वारा किया जा रहा है। रविवार की रात कुछ लोगों ने जाल डाला और कछुए बाहर निकाले। सुबह ग्रामीणों ने तालाब के पास जाल व सात मृत कछुए पड़े देखे तो इसकी जानकारी एसडीएम दीपक वर्मा समेत अन्य अधिकारियों को दी।
ग्रामीणों के मुताबिक चोरों ने रात में तालाब से बड़ी मात्रा में कछुए चुरा लिए, मौके पर स्थितियां इसी की गवाही दे रही हैं। इधर एसडीएम के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच की। टीम ने मृत कछुओं का पोस्टमार्टम कराया। वन रेंजर ओमप्रकाश ने बताया कि कछुओं का पोस्टमार्टम कराने के साथ ही जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम दीपक वर्मा ने बताया कि यह वन्य जीव संरक्षित क्षेत्र है। वन विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट दर्ज करा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंसेट
देश के आठ तालाबों में मिला है स्थान
जिला मुख्यालय से लगभग 34 किलोमीटर दूर बिलग्राम के ककरा खेड़ा गांव मेंस्थित कछुओं से भरा तालाब राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। 2019 में केंद्र सरकार के नमामि गंगे के जल शक्ति कार्यक्रम के आद्रता भूमि एवं जल अभियान के तहत से चयनित किया जा चुका है। कार्यक्रम के तहत पूरे देश में गंगा की तलहटी के आस-पास स्थित आठ पौराणिक तालाबों को चिह्नित किया गया था, जिसमें इसे भी जगह मिली। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2019-20 में इसका सुंदरीकरण भी कराया गया था।