हरदोई। शुक्रवार को लखनऊ के आईजी जोन एसके भगत ने पुलिस लाइन सभागार में लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए गैर जनपदों से आने वाले पुलिस बल के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के ठहरने और खाने का अच्छा प्रबंध किया जाए। चुनाव में असामाजिक तत्वों को पाबंद करते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी वृद्ध को पाबंद करने से बचा जाए। उन्होंने शेडो एरिया (जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो) के ग्रामीणों की सूची रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आईजी ने कहा कि चुनावी नुक्कड़ सभाओं के लिए कोई भी पुलिस अधिकारी अनुमति जारी नहीं करेगा। पुलिस की ओर से सिर्फ संस्तुति की जाएगी और उस पर विस्तृत टिप्पणी दर्ज कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनसभाओं या नुक्कड़ सभाओं में अलग-अलग दलों के लोगों के बीच टकराव न होने दिया जाए। यह ध्यान रखें कि वास्तव में जिनसे शांतिभंग होने का खतरा है, उन्हें ही पाबंद किया जाए। आईजी एसके भगत ने कम्युनिकेशन प्लान पर भी वार्ता की। उन्होंने कहा कि सभी कोतवाली और थाने में कुछ न कुछ शेडो एरिया होंगे। शेडो एरिया में पोलिंग बूथ होने पर वहां की फौरी जानकारी नहीं मिल पाती। इसलिए ऐसे पोलिंग बूथ के आस पास रहने वाले कम से कम बीस तीस ग्रामीणों की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार कर ली जाए। बैठक में एसपी आलोक प्रियदर्शी मौजूद रहे।
महिला थाना पुलिस पर लगाया आरोप
हरदोई। पिहानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चांदपुर निवासी नीती पुत्री भारत प्रसाद ने आईजी को रोककर आपबीती सुनाई। नीति का कहना था कि उसका विवाह 24 अप्रैल 2017 को लखीमपुर जनपद के मैलानी निवासी अमित के साथ हुआ था। 7 सितंबर 2018 को नीति ने महिला थाने में पति, सास, ससुर देवर, नंद समेत सात लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नीति का आरोप है कि महिला थाने की पुलिस ने उसका बयान लिए बिना ही चार्जशीट तैयार कर दी और सिर्फ पति और ससुर को ही आरोपी बनाया। इस पर आईजी ने एसपी को जांच के निर्देश दिए। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मामले की जांच सीओ से कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।