हरदोई। टड़ियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत रावल और अलीशाबाद से जारी हुए 528 फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त किए जाएंगे। उक्त प्रमाण पत्रों को निरस्त किए जाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के मुख्य रजिस्ट्रार को पत्र भेजा है। फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने की जांच पुलिस ने भी शुरू की है।
रावल और अलीशाबाद के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल को हैक कर 505 जन्म प्रमाण पत्र और 23 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए थे। फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने और पोर्टल हैक करने के मामले में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने चार जुलाई की देर रात टड़ियावां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इतनी बड़ी संख्या में दो ग्राम पंचायतों से ही फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने का खुलासा होने पर खलबली मच गई थी।
एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में आ गए। वहीं, पंचायत राज विभाग के जिम्मेदार भी मामले की पड़ताल में जुट गए। फिलहाल जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रदेश के मुख्य रजिस्ट्रार काे उक्त प्रमाण पत्रों को निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है। डीपीआरओ के मुताबिक जारी हो चुके प्रमाण पत्रों को निरस्त करने का अधिकार मुख्य रजिस्ट्रार को ही है। मुख्य रजिस्ट्रार को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि उच्चाधिकारियों के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी भेजा गया है।
2002 से 2025 तक के जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हुए जारी
विभागीय सूत्र बताते हैं कि रावल और अलीशाबाद से जारी हुए फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बेहद पुरानी तारीखों के हैं। वर्ष 2002 से 2025 तक हुए जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। विस्तृत जांच के बाद पता चलेगा कि यह किन तारीखों में जारी किए गए हैं। साथ ही कहां-कहां के प्रमाण पत्र जारी हुए हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि संत कबीरनगर समेत कई जनपदों के रहने वाले लोगों के जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र यहां से जारी हुए हैं।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच तेज कर दी है। टड़ियावां थाने की पुलिस के साथ ही एसपी नीरज जादौन ने साइबर थाने की टीम को भी मामले की जांच में लगा दिया है। इसके अलावा भी साइबर अपराध के खुलासे में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को मामले की पड़ताल में लगाया गया है।