रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने से हरपालपुर कटियारी के करीब 50 गांव टापू बन गए हैं। इन गांवों के सारे रास्ते बंद हो गए हैं। गंगा में भी जलस्तर धीरे -धीरे बढ़ रहा है। प्रशासन सभी इंतजाम होने का दावा तो कर रहा लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न ही अधिकारी नजर आ रहे और न ही प्रशासन की नावें। लोग अपने संसाधनों से काम चला रहे हैं।
हरपालपुर प्र्रतिनिधि के अनुसार रामगंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इससे अरवल, करनपुर , सुदनीपुर, छंगापुरवा ,बरगदापुरवा सहित आधा सैकड़ा गांव के रास्ते पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। चौसार में गंभीरी नदी का पैंटून पुल भी पानी में डूबा है। अभी कहीं घुटनों और कहीं कमर तक पानी है। लोग पानी के बीच से ही आ जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के घिरने के बाद भी कहीं प्रशासन की नावें नजर नहीं आ रही हैं।
छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार राजघाट के करीब के गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
गांव के लोग सामान लेकर रिश्तेदारी या ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं। जरैला के रामप्रसाद, जयकरन, रामदीन, अवधेश, सर्वेश, महेश,दीपक, राजू आदि का कहना है कि अगर दो-तीन दिन इसी तरह जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई तो घरों में पानी पहुंच जाएगा। घासीरामपुरवा, गन्नीपुरवा, त्रिलोकपुरवा आदि गांवों की फसलें बाढ़ के पानी में नष्ट हो चुकी हैं। गंगा के उस पार बसे तहसील के कई गांवों के लोग पूरी तरह पानी से घिर गए हैं।