हरदोई। तकरीबन 36 वर्ष 11 माह पुराने हत्या की कोशिश के मामले में अपर जिला जज (एफटीसी) यशपाल ने एक अधेड को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
कस्बा गोपामऊ निवासी इदरीश बेगम पत्नी अनीस ने 29 मई 1987 को टड़ियावां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि इसके पति अनीस ने कस्बे में ही एक स्कूल अनीस मांटेसरी के नाम से चलवाया था। पति के मरने के बाद गांव के ही शमी, इदरीश ने कब्जा कर लिया था। इदरीश बेगम 29 मई की सुबह आठ बजे अपने घर के आंगन में चारपाई पर बैठी थी। तभी अभियुक्त घर में आ गया और जान से मारने की नीयत से तमंचे से गोली चला दी। गोली इदरीश बेगम के सीने में लगी। शोर सुनकर कई लोग मौके पर आ गए थे लोगों को आता देख अभियुक्त मौके से भाग गया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने दुर्घटना की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पीड़िता ने चार मार्च 2015 को न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था और पूरी घटना बताई थी प्रार्थना पत्र के आधार पर न्यायालय ने हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई थी। इस आदेश के खिलाफ अभियुक्त ने रिवीजन भी किया था जो एक मार्च 2017 को खारिज कर दिया गया। पूरे मामले में नौ गवाहों को पेश किया गया इनमें से पांच गवाह पक्ष द्रोही हो गए थे।