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Hardoi News: डीएपी की अंतरजनपदीय कालाबाजारी में 350 बोरी पकड़ी, दो ट्रैक्टर-तीन ट्रॉली सीज, दो पर एफआईआर

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फोटो 22: पकड़ी गई डीएपी व ट्राली के साथ दाएं से डीएओ डॉ. एसके पाठक, पुलिस और टीम के सदस्य। स्रो
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हरदोई। रबी फसलों के समय जरूरत पड़ने वाली डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) की अंतरजनपदीय कालाबाजारी का खुलासा हुआ है। अंतरजनपदीय कालाबाजारी के लिए लाई गई 350 बोरी डीएपी को शनिवार रात पुलिस-प्रशासन की टीम ने ठिकाने लगाने से पहले ही पकड़ लिया।
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छापा मारने के बाद कालाबाजारी के धंधे से जुड़े दोनों भाई भागने में सफल रहे। टीम ने तीन मजदूरों को हिरासत में ले लिया। तीन ट्रॉली और दो ट्रैक्टर सीज कर दिए। डीएपी को सुरसा पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है। डीएम अनुनय झा के निर्देश पर दो के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रबी फसलों के लिए किसान अभी से डीएपी के लिए परेशान होने लगे हैं। वहीं डीएपी की कालाबाजारी से जुड़े लोग सक्रिय हो गए हैं। सुरसा थाना क्षेत्र के बघौली-सेमरा चौराहा मार्ग पर जल्लामऊ तिराहे पर शनिवार देर रात डीएपी के परिवहन की जानकारी मिली। जिला कृषि अधिकारी डाॅ. सतीश चंद्र पाठक ने बताया कि रात में गोपनीय सूचना मिलते ही अपर जिला कृषि अधिकारी अमीनुद्दीन, एडीओ कृषि डॉ. श्रवण कुमार, टीपी सिंह और पवन शुक्ला की टीम बनाई गई।
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सुरसा थाना प्रभारी सुनील कुमार मिश्रा को कालाबाजारी की सूचना दी गई तो उन्होंने उप निरीक्षक रजत त्रिपाठी, रोहित और कांस्टेबल राहुल कुमार को नामित कर जल्लामऊ तिराहा भेजा। टीम के पहुंचते ही उर्वरक विक्रेता के लाइसेंस धारक पवन यादव और उनके भाई रोहित यादव के साथ ही ट्रैक्टर चालक भागने में सफल रहे। मौके पर तीन मजदूर मिले। मजदूरों ने पवन यादव के गोदाम से डीएपी ट्रॉलियों पर लोड किए जाने की जानकारी दी।
बताया कि ट्रॉलियों में कृभको इंपोर्टेड ब्रांड की बोरी में डीएपी मिली है। डीएपी कृभको कंपनी है या नकली बनाकर बेची जा रही है। इसकी पुष्टि के लिए सभी ट्रॉलियों से डीएपी के नमूने लिए गए हैं। नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहीं मौके पर मिली तीन ट्रॉलियों में से दो में 100-100 बोरी और एक में 150 डीएपी, तीन ट्रॉलियों और दो ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर दिया गया है। 350 बोरी डीएपी सुरसा पुलिस की सुपुर्दगी में दी गई है। बताया कि जल्लामऊ निवासी पवन यादव और रोहित यादव पुत्र अमरनाथ यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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आरोपियों के पकड़े जाने पर खुलेगा डीएपी की आपूर्ति और बिक्री का राज
जल्लामऊ में पकड़ी गई डीएपी कृभको इंपोर्टेड ब्रांड की है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. एससी पाठक ने बताया कि कृभको इंपोर्टेड ब्रांड की डीएपी का जिले के लिए आवंटन नहीं होता है। कृभको ब्रांड की डीएपी का आवंटन दूसरे जिलों में हुआ होगा जिससे प्रथम दृष्टया डीएपी की अंतरजनपदीय कालाबाजारी की पुष्टि हो रही है। जनपद से कृभको ब्रांड की डीएपी लाई गई है, वहां पर भी किसी न किसी ने कालाबाजारी ही की होगी। किसानों के नाम पर वितरण न कर कालाबाजारी के लिए बेच दिया गया।
बताया कि दोनों आरोपियों के पकड़ में आने पर डीएपी की आपूर्ति और बिक्री का राज खुलेगा। उसके बाद कालाबाजारी में शामिल और लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिले में एक-एक बोरी डीएपी के लिए होने वाली मारामारी के बारे में भी पता चलेगा कि कहीं दूसरे जनपदों को तो आपूर्ति नहीं की जा रही है।
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रबी फसलों के लिए जरूरत होगी डीएपी की
जिला कृषि अधिकारी डॉ. एसके पाठक ने बताया कि खरीफ में धान की फसल तैयार होने वाली है। उसी के बाद खाली होने वाले खेतों में किसान रबी फसलों की बुआई करेंगे। रबी फसलों में बुआई के समय डीएपी की आवश्यकता होगी। कालाबाजारी से जुड़े लोगों ने अभी से स्टॉक और आपूर्ति किया जाना शुरू कर दिया है।
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साल 2024 में पवन ने बनवाया था उर्वरक बिक्री का लाइसेंस
जिला कृषि अधिकारी ने कृभको इंपोर्टेड ब्रांड की पकड़ी गई डीएपी जल्लामऊ निवासी रोहित यादव और पवन यादव के गोदाम से ट्रॉलियों पर लोड की जा रही थी। बताया कि पवन यादव ने साल 2024 में ही कृषि विभाग से उर्वरक बिक्री का लाइसेंस लिया है। लाइसेंस को निलंबित कर नोटिस भी दिया जाएगा। जवाब न आने पर निरस्त किए जाने के साथ और भी कार्रवाई की जाएगी।
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