हरदोई। सरकारी पेंशनर्स की भांति इस साल से मनरेगा मजदूरों को भी ‘मैं भी जिंदा हूं’ का प्रमाण पत्र देना होगा। मनरेगा के सक्रिय 2,99,492 मजदूरों की ई-केवाईसी कराई जाएगी जिसमें मजदूर की न केवल फोटो बल्कि दो से तीन बार पलक झपकाने की प्रक्रिया भी अपलोड होगी।
मनरेगा जॉबकार्ड धारक परिवारों में सक्रिय मजदूरों को नियमित रोजगार देने के साथ ही अब उनके जीवित होने का प्रमाण पत्र भी वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर अपलोड किए जाने की व्यवस्था दी गई है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से दिए गए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से ई-केवाईसी कराए जाने के लिए कहा है। ई-केवाईसी के लिए मोबाइल पर नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ ही आधार फेस प्रमाणीकरण एप को भी इंस्टॉल करना होगा। इसके माध्यम से मनरेगा मजदूरों के जीवित होने का प्रमाण पत्र अपलोड किया जाएगा। जिले में यह प्रक्रिया शुरू कराई गई है।
ब्लॉकवार मनरेगा के सक्रिय मजदूरों की संख्या पर एक नजर :
ब्लॉक - मजूदरों की संख्या
अहिरोरी - 13,332
बावन - 16,615
बेहंदर - 10,551
भरावन - 16,730
भरखनी - 28,298
बिलग्राम - 19,863
हरियावां - 16,302
हरपालपुर - 14,866
कछौना - 8,771
कोथावां - 14,292
माधौगंज - 12,198
मल्लावां - 7,509
पिहानी - 16,258
सांडी - 12,992
संडीला - 21,247
शाहाबाद - 21,012
सुरसा - 18,379
टड़ियावां - 14,708
टोडरपुर - 15,569
मनरेगा जॉबकार्ड पर अंकित सभी सक्रिय मजदूरों की ई-केवाईसी कराई जानी है। इस बार ई-केवाईसी के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम पर ई-केवाईसी एप दिया है। इसके लिए आधार फेस प्रमाणीकरण एप भी मोबाइल में डाउनलोड करना होगा। उसी के माध्यम से प्रमाण पत्र अपलोड होंगे। सभी कार्यक्रम अधिकारियों को ई-केवाईसी में मजदूरों के फेस प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। -रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम और रोजगार