हरदोई। गांवों में मजदूरों को रोजगार और विकास कार्यों के लिए अभी से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कार्ययोजना का निर्धारण किया गया है। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से मनरेगा में दो अरब, 75 करोड़, चार लाख, 96 हजार रुपये से गांवों में श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा और विकास कार्य कराए जाएंगे। निर्धारित कार्ययोजना में पूरे वित्तीय वर्ष में 81 लाख, 86 हजार दिन श्रमिकों को रोजगार दिए जाने की तैयारी की गई है।
ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम मनरेगा की आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कार्ययोजना तैयार करा ली गई है। कार्ययोजना में श्रमिकों को रोजगार दिए जाने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें काम की तलाश के लिए शहर व जिले से बाहर न जाना पड़े।
मनरेगा में गांवों में ही काम और गांव के ही श्रमिकों को रोजगार दिए जाने की अनिवार्यता है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलता है। मनरेगा की कार्ययोजना में 81,86,000 दिन मानव दिवस रोजगार दिए जाने के साथ ही करीब 68,76,24,000 रुपये सामग्री की खरीदारी आदि पर खर्च किए जाना शामिल किया गया है।
-
वीबी जी राम जी के प्रभावी होने पर श्रमिकों को होगा फायदा
श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि मनरेगा के स्थान पर वीबी जी राम जी के प्रभावी होने पर श्रमिकों के एक साल में रोजगार के मानव दिवस में वृद्धि की गई है जिससे श्रमिकों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन काम दिलाया जाएगा। इससे न तो काम की लागत में और न ही मजदूरी भुगतान में बढ़ोतरी होगी। कार्ययोजना में शामिल होने के लिए मजदूरी और सामग्री के लिए अनुपात पहले से ही तय होगा जिससे मजदूरी के लिए निर्धारित किए गए रुपये से श्रमिकों को काम दिया जाएगा। वीबी जी राम जी के प्रभावी होने पर श्रमिकों को साल में 25 दिन और काम करने का फायदा होगा।
-
जरूरत पड़ेगी तो अनुपूरक कार्ययोजना बनवाई जाएगी
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर मनरेगा की साल 2026-27 के लिए कार्ययोजना तैयार कराई गई है। कार्ययोजना में शामिल कामों में श्रम और सामग्री के अनुपात के अनुसार लागत का निर्धारण किया गया है। वीबी जी राम जी के आने पर कोई बड़ा बदलाव होने पर जरूरत पड़ने पर अनूपूरक कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी ताकि श्रमिकों को वीबी जी राम जी के अनुसार रोजगार दिलाया जा सके।
- रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त श्रम और रोजगार