माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा में अनुपस्थित
छात्रों के उत्तीर्ण होने के मामले में शासन से मांगी जा रही जानकारी पर
विभाग की ओर से 27 प्रधानाचार्यों को विद्यालय से विवरण एकत्रित करने के
लिए लगाया गया है। वहीं संकलन केंद्र से मिलने वाली अनुपस्थिति पर भी माथा
पच्ची की जा रही है। इस जांच सेे विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है।
ज्ञात
हो कि इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा में 1 लाख 55 हजार 613
विद्यार्थियों पंजीकरण कराया था। इनमें हाईस्कूल के 85,673 और इंटर के
69,940 विद्यार्थी शामिल थे। परीक्षा के दौरान इनमें से 31,634
विद्यार्थियों ने मुख्य विषय की परीक्षा से किनारा कर लिया था।
इनमें
हाईस्कूल के 20,556 और इंटर के 11,078 विद्यार्थी शामिल थे, पर जब बोर्ड
परीक्षा का परीक्षाफल घोषित हुआ तब अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या घटकर
मात्र 12,563 रह गई। इसमें हाईस्कूल के 20,556 के स्थान पर मात्र 9,438
विद्यार्थी अनुपस्थित दिखाए गए। बाकी सब पास हो गए।
इसी प्रकार इंटर में
11,078 के स्थान पर अनुपस्थित मात्र 3,125 रह गई। शेष विद्यार्थी पास की
श्रेणी में पहुंच गए। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में
तीन विद्यालयों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इनमें स्वामी कमलेश दास इंटर
कालेज हसनापुर बिलग्राम में जनता इंटर कालेज पुरसौली के विद्यार्थियों का
परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
यहां पर विद्यालय के 80 विद्यार्थी
अनुत्तीर्ण थे, पर उनमें से 23 अनुत्तीर्ण विद्यार्थी परीक्षा में पास हो
गए। नरपति सिंह इंटर कालेज जुजुआमऊ में आदर्श इंटर कालेज खेमीपुर के बच्चों
को परीक्षा के लिए लगाया गया था। यहां पर अनुपस्थित 32 बच्चों को उत्तीर्ण
कर दिया गया।
गुुरु प्रसाद उमावि खैरूद्दीनपुर में पटेल स्मारक इंटर कालेज
मल्लावां के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र था। यहां के अनुपस्थित
विद्यार्थियों में 40 का पास का परीक्षाफल आया है। इस संबंध में शासन से
लगातार सूचना मांगी जा रही थी।
इस पर डीएम ने डीआईओएस को सभी विद्यालयों
की जांच कर आख्या उपस्थित और अनुपस्थित की स्थित मंगाने के निर्देश दिए
थे, जिस पर डीआईओएस की ओर से 27 राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को विद्यालयों में जाकर अनुपस्थित व उपस्थित
और पंजीकरण की संख्या व अनुपस्थित के रोल नंबर की सूचना लाने के निर्देश
दिए गए हैं, वहीं बोर्ड परीक्षा से भी मामले की जांच चल रही है। इससे
विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है।