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269340 मनरेगा जॉबकार्ड फर्जी

Wed, 07 Sep 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
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क्या आधार कार्ड आपकी नागरिकता का प्रमाण पत्र है? - फोटो : PTI
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हरदोई। जिले में बने मनरेगा जॉबकार्डों में 269340 फर्जी हैं। इन जॉबकार्डों पर एक भी दिन काम नहीं किया गया है। आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर अफसर करीब दस साल से फर्जी मनरेगा मजदूर सहेजे थे, अब आधार कार्ड फीडिंग शुरू होने पर हकीकत सामने आ गई। काम करने वाले केवल 281194 जॉबकार्डों की आधार फीडिंग की जा रही है।
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जिले में मनरेगा के तहत 5,50,534 जॉबकार्ड बने हैं। सभी जॉबकार्ड में मजदूरों के आधार नंबर फीड करने के निर्देश शासन ने दिए हैं। पिछले दो साल में 2,81,194 जॉबकार्डधारकों ने ही आधार नंबर दिए हैं। 2,69,340 जॉबकार्डधारकों को अधिकारी खोज नहीं पा रहे हैं। पिछले दो सालों से इन जॉबकार्डधारकों ने एक भी दिन काम नहीं किया है। आधार नंबर न मिलने के कारण अब अधिकारियों ने भी इन जॉबकार्डधारकों को निष्क्रिय मान लिया है।

दरअसल पहले मनरेगा मजदूरों को नगद भुगतान होता था। ज्यादातर गांवों में मस्टररोल पर फर्जी मजदूरों की फीडिंग कर प्रधान और पंचायत सचिव रुपये डकार जाते थे। इसी गोलमाल के चलते ऐसे लोगों के जॉबकार्ड बनवा दिए गए जो या तो गांव में रहते ही नहीं हैं या फिर नौकरी के लिए बाहर चले गए हैं।
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प्रधानों के परिवार के लोगों के भी जॉबकार्ड बन गए थे। मनरेगा भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होने के बाद प्रधानों का खेल पर पानी फिरने लगा। अब जॉबकार्ड से आधार नंबर जोड़ने की शर्त ने प्रधानों और अधिकारियों की कलई खोल दी। फर्जी जॉबकार्डों को अफसर निष्क्रिय बता गड़बड़ी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर जॉबकार्ड फर्जी नहीं हैं तो उनके आधार नंबर क्यों नहीं फीड कराए जा रहे हैं, इस सवाल का जवाब अफसरों के पास नहीं है।

वर्जन
सक्रिय जॉबकार्डधारकों की ही फीडिंग कराई जा रही है, निष्क्रिय जॉबकार्डधारकों को आधार फीडिंग में शामिल नहीं किया गया है। जॉबकार्ड निरस्त नहीं किया जा सकता है। जब भी कोई जॉबकार्डधारक रोजगार मांगेगा उसे रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। - राधेश्याम, सीडीओ
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