हरदोई। केंद्र सरकार गरीबों के घरों तक कुकिंग गैस पहुंचाने की मुहिम में जुटी है। इसी के चलते मोदी ने सामर्थ्यवान लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। इस मुहिम का संख्या के आधार पर जिले में खास असर दिखाई नहीं दिया है। जिले में करीब 20 से अधिक गैस एजेंसियां और लगभग 53 हजार रसोई गैस उपभोक्ता हैं, इसमें से करीब 25 सौ उपभोक्ताओं ने गैस सब्सिडी छोड़ दी। इसमें से भी कुछ लोगों का कहना है कि गलती से मोबाइल फोन का बटन दब गया जिससे वे भी सब्सिडी छोड़ने वालों में शामिल हो गए। पेश है एक रिपोर्ट -
* विद्या गैस एजेंसी, निकट जिंदपीर चौराहा
शहर की सबसे बड़ी एवं पहली गैस एजेंसी विद्या के प्रबंधक अरविंद कुमार के मुताबिक उनके यहां लगभग 16 हजार कनेक्शन हैं। करीब एक हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ी है। सब्सिडी छोड़ने का विकल्प गैस बुकिंग के लिए आनलाइन रजिस्टर्ड फोन से काल करने पर भी मिलने के कारण कुछ लोगों ने कहा भी गलती से बटन दब गया था।
* कल्यानी गैस एजेंसी, सिनेमा रोड
कल्यानी एजेंसी के प्रबंध कार्यकर्ता वासु के अनुसार उनके यहां करीब 10 हजार कुकिंग गैस कनेक्शन हैं। तकरीबन छह सौ उपभोक्ताओं ने सब्सिडी छोड़ी है। किसी ने गलती से छोड़ी या किसी ने सहमति से इसको लेकर कुछ कहना ठीक नहीं है क्योंकि इसके विकल्प आनलाइन है। हां कुछ लोग कभी कभी कहते हैं कि एक गलती से सब्सिडी चली गई।
हरदोई इंडेन गैस, नगर पालिका कैंपस
हरदोई गैस के प्रबंधक एचपी मिश्रा कहते हैं कि उनके यहां करीब 10 हजार कनेक्शन हैं। करीब छह सौ लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है। बहुत से लोगों ने गलती से भी छोड़ी है। जिसको लेकर उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया मगर सब्सिडी वापस न हो सकी। गैस सब्सिडी त्यागने की तो आनलाइन व्यवस्था है मगर वापस पाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
एके इंडेन, निकट डीएम चौराहा
शहर में चौथी गैस एजेंसी के रूप में स्थापित होने वाली एके इंडेन एजेंसी के अमित कुमार ने बताया कि करीब दो सौ लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है। करीब सात हजार कनेक्शन हैं।
सीतापुर रोड पर तिकुनिया पार्क के निकट स्थित हरदोई भारत गैस के प्रबंध कार्यकर्ता जनार्दन सिंह के मुताबिक उनके यहां करीब 10 हजार कनेक्शन हैं और लगभग 100 लोगों ने सब्सिडी छोड़ी है।
सब्सिडी के आखिरी सिलेंडर को अफरातफरी
चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा अफरातफरी सब्सिडी कोटे के आखिरी सिलेंडर को लेकर मची हुई है। जिन लोगों के सब्सिडी वाले सिलेंडर बचे हैं, वे हर हाल में 31 मार्च तक सिलेंडर पाना चाहते हैं। एक सप्ताह से गैस एजेंसियों पर ग्राहकों की लंबी लाइनें लग रही हैं और लोग होम डिलीवरी से ज्यादा तत्काल पर्ची एवं तत्काल रिफिल की मांग कर रहे हैं।