सालभर की स्कूली गतिविधि व निरीक्षण आख्याओं में असंतोष कार्य मिलने पर सेवा समाप्ति पर गईं बा विद्यालय की वार्डन को 23 दिन बाद ही बहाल कर दिया गया।
वार्डन के साथ चार और कर्मियों की भी सेवा समाप्त की गई थी लेकिन उनको बहाल नहीं किया गया। इस पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।
जिले में 20 बा स्कूल हैं, जिनमें 289 शिक्षक के पद सृजित हैं। शिक्षक व कर्मचारियों का प्रतिवर्ष नवीनीकरण किया जाता है।
जिसके लिए सभी शिक्षकों के विषयों पर खंड शिक्षाधिकारी व प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के आधार पर आख्या तैयार की जाती है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो विद्यालयों में तैनात कर्मचारियों के नवीनीकरण की पत्रावलियां डीएम के पास भेजी जाती हैं।
आख्या के आधार पर संतोषजनक कार्य न मिलने पर बा विद्यालय में कार्यरत दो वार्डन सहित पांच कर्मचारियों की संविदा सेवा एक अप्रैल को समाप्त कर दी गई थी।
जिन कर्मियों की सेवा समाप्त की गई थी, उनमें बा विद्यालय टोडरपुर की वार्डन रेनू अग्निहोत्री, हरियावां वार्डन सुनीता गौतम, बिलग्राम शिक्षिका ललिता पाल, पिहानी का चपरासी सुनील कुमार व चौकीदार राम कुमार शामिल था।
दो अप्रैल को जिला समन्वयक बालिका शिक्षा निशात अंसारी ने बताया था कि डीएम के निर्देश पर बीएसए ने यह कार्यवाई की थी।
लेकिन 23 दिन के बाद ही टोडरपुर बा स्कूल की वार्डन रेनू अग्निहोत्री का कार्य फिर से उत्तम हो गया और डीएम का अनुमोदन लेकर उनको बहाल कर दिया गया। उन्होंने 23 अप्रैल को फिर से टोडरपुर बा विद्यालय में वार्डन पद पर ज्वाइन कर लिया।
पिछले सत्र में बिना नोटिस की थी आठ की सेवा समाप्त
पिछले सत्र में भी डीसी बालिका निशात अंसारी के रहते कस्तूरबा विद्यालयों में बिना नोटिस दिए आठ की सेवा समाप्त की गई थी। चर्चा है कि जिनको साल भर नोटिस दी गई, उनको शिक्षा विभाग बचाने में कामयाब रहा।
रेनू अग्निहोत्री ने प्रत्यावेदन डीएम पुलकित खरे को सौंपा था। डीएम ने आख्या तलब की थी। विस्तृत आख्या उन्हें दी गई थी। उनके आदेश पर बहाली हुई है। - हेमंत राव, बीएसए
सेवा समाप्ति के 23वें दिन फिर बहाल की गईं वार्डन
साल भर की प्रगति आख्याओं के बाद टोडरपुर बा विद्यालय की वार्डन की सेवा हुई थी समाप्त