अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई।
गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत की घटना से भी जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया। शनिवार दोपहर जिला अस्पताल के आकस्मिक कक्ष का ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण सांस की बीमारी से ग्रस्त वृद्ध की जान खतरे में पड़ गई। गनीमत यह रही कि कुछ जागरूक लोगों ने वृद्ध की हालत बिगड़ते देख जिम्मेदारों को जानकारी दी। इसके बाद ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर वृद्ध को राहत दी गई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के पिहानी चुंगी निवासी उदय प्रताप (65) को शनिवार दोपहर बाद लगभग 2 बजे जिला अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया गया था। वह सांस के रोगी हैं। भर्ती करने के बाद अस्पताल कर्मियों ने उनके मुंह पर ऑक्सीजन का मास्क लगा दिया और चले गए। कुछ ही देर बाद वृद्ध तड़पकर हांफने लगा। इसी बीच पता चला कि जिला चिकित्सालय के आकस्मिक कक्ष में लगा ऑक्सीजन प्लांट बंद है। ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण आकस्मिक चिकित्सा कक्ष ही नहीं अस्पताल के सभी वार्डों में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप थी। वहां मौजूद दूसरे मरीजों के तीमारदारों ने दौड़कर इमरजेंसी कक्ष में मौजूद जिम्मेदारों को बताया। कर्मचारियों ने ऑक्सीजन का सिलेंडर लगाकर वृद्ध को राहत दी।
इंसेट
दिन भर बंद रहा ऑक्सीजन प्लांट
जिला चिकित्सालय में लगा ऑक्सीजन प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। जिम्मेदारों की मनमानी के चलते ऑक्सीजन प्लांट आए दिन बंद रहता है। सूत्र बताते हैं कि किसी अधिकारी के निरीक्षण पर ही प्लांट चालू किया जाता है। बीते शुक्रवार को ही कायाकल्प की टीम अस्पताल का निरीक्षण करने आई थी तब भी उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट की सप्लाई सुचारु रूप से जारी रखने की हिदायत दी थी।
वर्जन
ऑक्सीजन प्लांट हर समय चालू रखने के निर्देश हैं। अगर प्लांट किसी कारणवश बंद हो जाता है तो ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था रहती है। शनिवार को ऑक्सीजन प्लांट के बंद होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसपी गौतम, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
- बंद ऑक्सीजन प्लांट का मास्क लगाने से सांसत में पड़ी मरीज की जान
- शनिवार दोपहर की घटना, हालत बिगड़ने पर चेते कर्मचारी, सिलेंडर से दी गैस