बस की बाड़ी से मिटा स्कूल का नाम।
- फोटो : amarujala
हरदोई। एटा में हुए स्कूल बस हादसे में 12 बच्चों की मौत के बाद आखिर हरदोई एआरटीओ की भी नींद टूटी। शहर में शुक्रवार को दो बड़े स्कूलों में 16 बसें अनिफिट मिलीं, जिनका चालान कर दिया गया। अभी जिले के 338 निजी स्कूलों में चलने वाले वाहनों की जांच होना बाकी है। अगर ठीक से जांच की जाएगी तो सैकड़ों की तादात में वाहन अनफिट निकलेंगे।
जिले में 340 निजी स्कूल हैं। एआरटीओ कार्यालय में 203 बसें और 103 वैन स्कूल वाहन के रूप में रजिस्टर्ड हैं। छोटे वाहनों की संख्या 500 से अधिक है। अवैध रूप से चलने वाले इन वाहनों पर केवल स्कूल वैन लिखा होता है। इनमें न ही जाली लगाई गई है और न ही अन्य मानक ही पूरे किए जाते हैं। अमर उजाला इस लापरवाही को लगातार उठाता रहा है लेकिन एआरटीओ कार्यालय कानों में तेल डाले बैठा रहा।
एटा में हुए हादसे के बाद एआरटीओ प्रवर्तन एके मिश्र कुछ हरकत में आए और शुक्रवार को महर्षि विद्या मंदिर और गुरु रामराय स्कूल की बसों की फिटनेस की जांच की। दोनों स्कूलों में आठ-आठ बसें अनफिट मिलीं। ये दोनों स्कूल शहर के बड़े स्कूल हैं और मोटी फीस भी लेते हैं। इसके बावजूद बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे थे।
कुछ बसों में जाली नहीं लगी थी तो कुछ में फर्स्ट एड बॉक्स और अगिभनशमन यंत्र नहीं थे। बस में आगे व पीछे स्कू ल का नाम व मोबाइल नंबर भी नहीं था। बच्चे भी सीटों से ज्यादा भरे थे। अनफिट मिलीं सभी 16 बसों का चालान कर दिया गया है। एआरटीओ भगवान प्रसाद ने बताया कि सभी स्कूलों को शुक्रवार को नोटिस जारी किया है। स्कूल संचालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है। बताया कि स्कूल वाहनों की जांच का अभियान चलता रहेगा।