हरदोई। मनरेगा मजदूरों का भुगतान करने के लिए जनरेट किए गए एफटीओ को मनरेगा उपायुक्त ने निरस्त कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में तैयार किए गए एफटीओ की 15 करोड़ रुपये की धनराशि तो साफ्टवेयर में दिखाई दे रही थी, लेकिन मजदूरों को भुगतान नहीं हो सका।
जनपद में मनरेगा मजदूरों का करीब दो सौ करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ लेकिन जब तक सभी को भुगतान हो पाता तब तक वित्तीय वर्ष बदल गया। चूंकि अब ई-एफएमएस प्रणाली लागू हो चुकी है ऐसे में द्वितीय हस्ताक्षर पर लंबित फंड ट्रांसफर आर्डर (एफटीओ) का भुगतान नहीं हो सका। मनरेगा मजदूरों का 15 करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका। वित्तीय वर्ष 2016-17 शुरू हो गया तो शासन ने भी बजट रोक दिया।
उपायुक्त मनरेगा राजाथ प्रसाद भगत ने आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग को पत्र भेज कर एफटीओ निरस्त करवा कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
निरस्त किए गए भुगतान की ब्लाकवार स्थिति
हरदोई। मनरेगा मजदूरों का अहिरोरी में 31.1 लाख, बावन में 54.65 लाख, बेहंदर में 41.23 लाख, भरावन में 8.53 लाख, भरखनी में 129.73 लाख, बिलग्राम में 97.66 लाख, हरियावां में 59.4 लाख, हरपालपुर में 53.1 लाख, कछौना में 21.96 लाख, कोथावां में 32.25 लाख, माधौगंज में 40.36 लाख, मल्लावां में 12.83 लाख, पिहानी में 217.44 लाख, सांडी में 97.15 लाख, संडीला में 89.93 लाख, शाहाबाद में 212.82 लाख, सुरसा में 126.11 लाख, टड़ियावां में 46.84 लाख और टोडरपुर में 43.37 लाख रुपये भुगतान होना था, जिसे अब निरस्त कर दिया गया।