विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को
आयोजित राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में कुल 1,283 वाद निस्तारित कर 68 हजार
700 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं मोटर दुर्घटना प्रतिकर के सात वाद
निस्तारित कर पक्षकारों को नौ लाख 92 हजार मुआवजा राशि दिलवाई गई।
वहीं
प्री लिटिगेशन कैंप में दो वाद निस्तारित कर 76 हजार रुपये बैंक ऋण वसूली
के जमा कराए गए। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सीजेएम श्याम शंकर ने
बताया कि लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश नरेश जैन की अदालत में तीन वाद मोटर
दुर्घटना के निस्तारित हुए, जिसमें पीड़ित पक्षकार को चार लाख 17 हजार
रुपये दिलाए गए।
वहीं जिला जज की अदालत में एक और वाद भी निस्तारित हुआ।
एडीजे प्रथम हरिहर प्रसाद यादव की अदालत में दस वाद, एडीजे कमला सिंह यादव
की अदालत में तीन वाद, एडीजे सूबा सिंह की अदालत में पांच वाद, एडीजे
विजेंद्र कुमार की अदालत में सात वाद, एडीजे श्रीकांत वर्मा की अदालत में
पांच वाद, एडीजे अल्का श्रीवास्तव की अदालत में चार वाद, एडीजे रामसागर
मिर्धा की अदालत में नौ और एडीजे विशंभर प्रसाद की अदालत में छह वाद
निस्तारित हुए।
बताया कि प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट जगन्नाथ मिश्र
की अदालत में पांच वाद निस्तारित हुए। फौजदारी अदालतों में मुख्य न्यायिक
मजिस्ट्रेट श्याम शंकर की अदालत में सर्वाधिक 137 वाद निस्तारित कर 20 हजार
200 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया।
एसीजेएम प्रथम प्रभानाथ त्रिपाठी की
अदालत में आठ वाद निस्तारित कर नौ हजार रुपये अर्थदंड, एसीजेएम तृतीय अभय
प्रताप सिंह की अदालत में 25 वाद निस्तारित कर 12 हजार 900 अर्थदंड,
एसीजेएम चतुर्थ अनुराधा पुंडीर की अदालत में आठ वाद निस्तारित कर 4 हजार
800 रुपये, एसीजेएम पंचम जहेंद्र पाल सिंह की अदालत में छह वाद निस्तारित
कर पांच हजार पांच सौ रुपये, जेएम द्वितीय यशपाल की अदालत में 30 वाद
निस्तारित कर 11 हजार 300 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया।
सिविल जज सीनियर
डिवीजन अतुल सिंह की अदालत में छह वाद, सिविल जज जूनियर डिवीजन बृजेश
कुमार यादव की अदालत में 13 वाद, सिविल जज जूनियर डिवीजन महेंद्र कुमार की
अदालत में छह वाद निस्तारित किए गए। बाल संवाद अदालत में दो वाद, नगर
मजिस्ट्रेट की अदालत में कुल 982 वाद तथा बैंक ऋण वसूली संबंधी दो वाद प्री
लिटिगेशन कैंप में निस्तारित हो गए।