फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंकों में हड़ताल से 125 करोड़ का लेनदेन प्रभावित

विज्ञापन
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बैंकों के विलय के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुधवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। अधिकतर बैंकों के ताले नहीं खुले। हड़ताली बैंक कर्मियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर विरोध प्रदर्शन किया। पूरे जिले में हड़ताल के कारण करीब 125 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।   

विज्ञापन

बुधवार को स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के स्थानीय संयोजक आर के पांडेय ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक का विलय करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि यह गलत है। अर्थ व्यवस्था के लिहाज से भी इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। विलय होने से ग्राहकों, ऋण लेने वालों के साथ ही बैंक कर्मियों और अधिकारियों को परेशानी होगी।
बैंक यूनियंस फोरम के चेयरमैन मनोज सिंह ने कहा कि सरकार का कहना है कि बैंकों द्वारा बताई जा रही समस्याओं का समाधान करने के लिए उक्त बैंकों का विलय किया जा रहा है, लेकिन असली समस्या ऋण की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विलय के बाद बकाया ऋणों की वसूली हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की धारणा गलत है।  
विज्ञापन

बैंककर्मी नेता क्षितिज पाठक ने कहा कि हम दिनरात परिश्रम कर बैंकों की उन्नति के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए छुट्टियों के दिन भी बैंक अधिकारी कार्य करते हैं। बैंककर्मी नेता अजय मेहरोत्रा ने कहा कि बैंकों की 73 प्रतिशत पूंजी का लाभ केवल एक प्रतिशत औद्योगिक घराने उठा रहे हैं। विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे लोग विदेश भाग जाते हैं। जिनका सरकार कुछ नहीं बिगाड़ पाती। इस दौरान आर के मिश्रा, वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, प्रिया रस्तोगी, रानी देवी, प्रियंका पाल, वैशाली, वेद प्रकाश पांडेय, अनूप सिंह, वीर बहादुर सिंह, पवन रस्तोगी, अभिनव सौरव, राजन शुक्ला, अभय, धर्म, एस के गोविल, शिव करन, रविन्द्र मिश्रा, सुशील कश्यप, देशदीपक, रामबाबू मिश्रा, नीतीश कुमार सिंह, सौरभ कनौजिया, वैशाली, हिमांशु श्रीवास्तव, पुनीत गुप्ता, प्रदीप, आशीष अवस्थी मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें