हरदोई। बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने स्वाट और एसओजी की मदद से पांच लोगों को गिरफ्तार कर नौ लाख रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की है। आरोपी हरियाणा में बिक्री के लिए अनुमन्य शराब में मिलावट कर आसपास के जिलों में बेचते थे।
रविवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में एसपी अमित कुमार ने बताया कि स्वाट टीम के प्रभारी बृज किशोर सिंह और एसओजी प्रभारी अरविंद यादव को सूचना मिली थी कि हरियाणा में बिक्री के लिए अनुमन्य शराब में मिलावट की जा रही है। इस पर स्वाट और एसओजी के प्रभारियों ने बेनीगंज कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी से संपर्क किया। शनिवार शाम सात बजे बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत प्रताप नगर चौराहे के निकट से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के गेंगलापुर स्थित नहर कोठी में छापा मारकर तीन और लोगों को दबोच लिया। एसपी ने बताया कि नहर कोठी से 1200 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब, 41 हजार 582 अलग-अलग ब्रांड के बोतलों के ढक्कन बरामद हुए हैं। 160 नकली क्यूआर कोड के स्टीकर भी मिले हैं। नहर कोठी परिसर से दो कारें भी पुलिस ने बरामद कीं हैं। गिरफ्तार लोगों ने अपना नाम अनुज जायसवाल पुत्र शिव कुमार जायसवाल निवासी ग्राम सुरसंडा थाना मसौली जिला बाराबंकी, सुशील कुमार जायसवाल पुत्र श्रीकृष्ण जायसवाल निवासी आगा कालोनी कोतवाली सीतापुर, मनोज कुमार जायसवाल पुत्र अशोक कुमार निवासी रसूलपुर कोतवाली जनपद बाराबंकी, अमित गुप्ता पुत्र रमेश चंद्र निवासी ग्राम अमानीगंज थाना मलिहाबाद लखनऊ और राजेश जायसवाल पुत्र राम स्वरूप जायसवाल निवासी ग्राम गोवर्धनपुर थाना मानपुर जनपद सीतापुर बताया है। इनमें से अनुज लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के राजाजीपुरम इलाके में न्यू पारा रोड पर रह रहा था। अमित गुप्ता लखनऊ के मड़ियावां थाना क्षेत्र के प्रियदर्शिनी कालोनी में रह रहा था। राजेश भी अलीगंज थाना क्षेत्र के त्रिवेणी नगर में रह रहा था। सभी का मेडिकल कराने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। सुशील कुमार पर शाहजहांपुर में भी एक मामला 2016 में दर्ज हुआ था।
आसपास के जिलों में थे खपाते
एसपी अमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए लोग मिलावटी शराब को आसपास के जनपदों में खपाते थे। हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, लखनऊ में शराब खपाने की जानकारी मिली है। ये पता किया जा रहा है कि हरदोई समेत अन्य जनपदों में किसके माध्यम से मिलावटी शराब खपाई जा रही थी।
एक बोतल से तीन बोतल शराब बनाते थे
बेनीगंज कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी ने बताया कि शराब की बोतलों के खाली ढक्कन और नकली क्यूआर कोड के स्टीकर मिलावटी शराब की बोतलों में लगाए जाते थे। हरियाणा में बिक्री के लिए अनुमन्य शराब यहां लाकर इसमें मिलावट की जाती थी। अमूमन एक बोतल से तीन बोतल शराब तैयार की जा रही थी। पूरे मामले की अभी विवेचना चल रही है और आगे कुछ अहम खुलासे होंगे।
फोटो-6-बरामद कारें और पास ही पिकप डाले में रखी शराब की बोतलें व बोरियों में ढक्कन। संवाद- फोटो : HARDOI