सांडी (हरदोई)। वन विभाग और पुलिस की टीम ने शनिवार को ग्राम समजलपुर में छापा मारा। यहां ट्रक में भरी जा रहीं 12 टन सीपें बरामद की है। पुलिस ने बिहार निवासी व्यापारी और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कोईलाई गांव निवासी ठेकेदार भाग गया। वन रेंजर हनुमान प्रसाद ने बताया कि बरामद की गई सीपों की कीमत 15 से 18 लाख रुपये है।
थाना क्षेत्र के ग्राम समजलपुर और मोहम्दीपुर में काफी समय से गर्रा नदी से सीपें निकाल कर एकत्रित की जा रही थी। सीपों की दुर्गंध से लोगों को खासी परेशानी हो रही थी। इस पर आसपास के लोगों ने वन विभाग और पुलिस से इसकी शिकायत की थी। शनिवार को पुलिस और वन विभाग की टीम ने छापा मारा। यहां एक ट्रक में सीपें भरी जा रहीं थीं।
टीम ने ट्रक के साथ बरामद 12 टन सीपों को कब्जे में ले लिया। मौके पर मौजूद बिहार के थाना व गांव मोतीहारी निवासी व्यापारी मोहम्मद आलम और जिला संत कबीर नगर के खलीलाबाद कस्बा निवासी चालाक चंद्रिका प्रसाद को हिरासत में ले लिया है। रेंजर हनुमान प्रसाद ने बताया कि पानी से सीप निकालना जीव जंतु के साथ क्रूरता है। यहां चोरी छिपे व्यापारी यह काम कराते हैं। व्यापारी श्रमिकों के जरिये सीपें निकलवाकर सुखा देते हैं।
इसके बाद तस्करी की जाती है। सीपें मुरादाबाद समेत अन्य जगहों पर ले जाते हैं। जहां इनसे मोती निकाले जाते हैं। बताया कि बरामद की गई सीपों की कीमत 15 से 18 लाख रुपये तक है। इसका सही मूल्यांकन कराया जा रहा है। हल्का प्रभारी अनिल कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि हिरासत में लिए गए बिहार के व्यापारी व चालक समेत सांडी के ग्राम कोईलाई निवासी ठेकेदार कंचन के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। चालक व व्यापारी को पूछताछ कर जेल भेज दिया गया है। तीसरे आरोपी कंचन की तलाश की जा रही है।