संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश जज अबुल कैश ने 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के दोषी सूरजपाल को 10 वर्ष की कैद सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में अन्य दो आरोपियों को बरी कर दिया है।
संडीला थाना क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने 16 अक्तूबर 2020 को एसपी को शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया था कि सूरजपाल, राधा कृष्ण, रामप्यारी उसके गांव में रहते हैं। महिला की 14 वर्षीय छोटी बहन उसी के घर में रह रही थी। 25 अगस्त 2020 को महिला पति को खाना देने गई थी। उसकी बहन घर में अकेली थी। इसका फायदा उठाकर सूरजपाल घर में घुस आया और उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया। उसकी बहन ने घर आने पर पूरी घटना उसे बताई थी।
घटना में राधाकृष्ण व रामप्यारी की भी साजिश थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सूरजपाल, राधाकृष्ण एवं रामप्यारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने सूरज के विरुद्ध घर में घुसकर दुष्कर्म करने और राधाकृष्णन एवं रामप्यारी के विरुद्ध घमकी देने के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता मनीष कुमार श्रीवास्तव ने दोषी को अधिक से अधिक सजा दिलाने की पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज अबुल कैश ने सूरजपाल को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में राधाकृष्ण और रामप्यारी को बरी किया है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया जाए।