हरदोई। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट नंबर 15 के जज अबुल कैश ने दुष्कर्म के दोषी सत्येंद्र को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अरवल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 10 जून 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि नौ जून 2016 को गांव का सत्येंद्र अपने पिता बहादुर व धनीराम के सहयोग से उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया था। उसकी बेटी को ले जाते समय गांव के कुछ लोगों ने उसे देखा था।
बेटी अपने साथ नकदी और जेवर भी ले गई थी। कहा कि सत्येंद्र का उनके घर पहले से आना-जाना था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सत्येंद्र और उसके पिता बहादुर व धनीराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना कर पुलिस ने सत्येंद्र के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी।
इसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जज ने दोषी सत्येंद्र को 10 वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है।