नवरात्र में मंगलवार को दुर्गा अष्टमी पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की दिन भर भीड़ रही। मंदिर प्रांगण मां के जयकारों से गुंजायमान हो गए। श्रद्धालुओं ने महागौरी की पूजा अर्चना की और घरों में कन्याओं का पूजन कर प्रसाद ग्रहण कराया गया।
नगर के प्राचीन चंडी मंदिर, बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर, ग्राम दौयमी के देवी मंदिर, हरमिलाप मंदिर, फ्री गंज रोड स्थित देवी मंदिर में मां महागौरी की पूजा अर्चना करने के लिए सुबह से ही महिला पुरुष श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवतियां मां महागौरी की पूजा करने के लिए नंगे पैरों से मंदिर पहुंची। मंदिरों के बाहर फूल माला, फल और नारियल आदि बेचने वालों की दुकान सजी रही। सुबह पूजा अर्चना के बाद शाम को कपूर और फूल बत्ती की आरती उतारी गई।
श्रद्धालुओं ने व्रत और संकल्प लेकर मां के दरबार में मन्नत मांगी। अष्टमी पर प्राचीन चंडी मंदिर और मंशा देवी मंदिर को लाइटों से सजाया गया है। दुर्गा अष्टमी के अवसर पर सुबह से ही घरों में कन्याओं को जिमाना का सिलसिला शुरु हो गया।
बच्चे भी भोजन करने के बाद दक्षिणा लेकर मजे से एक घर से दूसरे घर में जा रहे थे। घर घर पूजन और दक्षिणा पाने के बाद बच्चों की टोली बेहद उत्साहित दिखाई दी। श्रद्धालु मैय्या के इन साक्षात स्वरुपों को प्रसाद खिलाने के बाद पूजन कर आशीर्वाद लिया।
दुर्गा अष्टमी के अवसर पर सेवा भारती के तत्वावधान में नगर के विभिन्न स्थानों पर 646 कन्याओं का पूजन किया गया। सेवा भारती के जिला मंत्री घनश्याम कश्यप ने बताया कि मोहल्ला पन्नापुरी में 270 कन्या, राजीव विहार में 76, मोदीनगर रोड स्थित संस्कार केंद्र पर 200 व
मोहल्ला इंद्रगढ़ी में 110 कन्याओं को पूजन किया गया। इस मौके पर सुरेंद्र, राजीव, सुनील, राकेश, भगवत प्रसाद, उषा अग्रवाल, चंद्रप्रकाश शर्मा, संगीता गुप्ता, सरोज गर्ग, अर्पणा, बाबूराम, विजय गोयल, सुखवीर त्यागी, कुशलपाल, महिपाल आदि का सहयोग रहा।
श्री चंडी जी पालकी सेवा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को नगर के विभिन्न मोहल्लों से श्री चंडी महारानी की भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। रोजाना की तरह सुबह करीब पांच बजे चंडी मंदिर से प्रभात फेरी का शुभारंभ हुआ।
इसके बाद ओम पब्लिक स्कूल, शक्ति डेरी, हरमिलाप मंदिर, रेवती कुंज, पंजाबी कालोनी होते हुए वापस श्री चंडी मंदिर पर विश्राम किया गया। प्रभात फेरी में बड़ी संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लिया।
चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में दुर्गा अष्ठमी का पूजन कर भक्तों ने शुक्रवार को कन्या लंगड़ जिमाकर दक्षिणा दी और उपवास खोला, कई स्थानों पर हुए भगवती जागरण में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने मंगलवार को चैत्र नवरात्र की अष्ठमी के उपलक्ष्य में दुर्गा मां का पूजन किया,
जिसके बाद अपने घरों में कन्या लंगड़ जिमाकर उपवास खोला गया। लोगों ने अपनी हैसियत के अनुसार कन्याओं को दक्षिणा दी और उनके पैर छूकर सुख-शांति का आशीर्वाद भी लिया। अष्ठमी पर मंदिरों में पूजा अर्चना करने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।
महिलाओं ने अष्ठमी पूजन कर घरों में स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए और मां भगवती के भजनों का जमकर गुणगान किया। वहीं राम नवमी का पूजन करने वाले भक्तों ने शुक्रवार को मां महागौरी का उपवास रख देवी मैया की पूजा अर्चना की।
इसके अतिरिक्त नवरात्र के उपलक्ष्य में नगर समेत आसपास के गांवों में भगवती जागरण के कार्यक्रम हुए, जिनमें आयोजित भजन संध्या में भक्तों की भीड़ रातभर झूमती रही।
मैं खिड़की खोलूं तो मां तेरे दर्शन हो जाएं, बाबा मैं तेरी पतंग हवा में उड़ती जाऊं, मां मुझपे कृपा कर मेरे दुख हर लो जैसे भजनों को भक्तों ने जमकर सराहा।
अष्टमी पर सुबह से ही घरों में महागौरी मां की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद घरों में घरों में कन्याओं को जिमाया गया। व्रत रखने वाली महिलाओं और युवतियों ने कन्याओं को गिफ्ट तक भेंट किए गए। इसके चलते मंदिरों में भी पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ रही।