आगामी वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत श्रमिकों को 1.33 करोड़ रुपये का काम दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही इस योजना के व्यवस्थित संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को नए रजिस्टर भी दिए जाएंगे।
इनकी मदद से गांव में योजना के तहत कराए जा रहे सभी कार्यों का लेखा जोखा तैयार किया जाएगा। जिले में मनरेगा के तहत 8224 जॉब कार्ड बनाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले में 1.33 करोड़ रुपये का कार्य श्रमिकों को दिया जाएगा।
योजना को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार नए रजिस्टर जिले की सभी 273 ग्राम पंचायतों को दिए जाएंगे। जिले में योजना के तहत 9477 रजिस्टर का वितरण किया जाएगा।
ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ग्राम पंचायतों को पहली बार वर्ष 2007-08 में 12 प्रकार के रजिस्टर दिए गए थे। समय के साथ नियमों में बदलाव के चलते नए रजिस्टरों की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी।
वहीं, पुराने रजिस्टर भर जाने के चलते भी ग्राम पंचायतों को कार्यों का लेखाजोखा खर्च व अन्य विवरण दुरुस्त रखने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
परियोजना निदेशक प्रमोद सक्सेना ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 1.33 करोड़ के कार्य का लक्ष्य मिला है। कार्य का ब्यौरा आदि भरने के लिए इस बार नए रजिस्टर आए हैं, जिन्हें 31 मार्च तक सभी ग्राम पंचायतों में वितरित कर दिया जाएगा।