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आर्थिक तंगी से रोटी को पड़े लाले, मजदूर ने लगाया फंदा

Fri, 21 Oct 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/गढ़मुक्तेश्वर
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आत्‍महत्‍या - फोटो : अमर उजाला
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आर्थिक तंगी और बीमारी के चलते रोटी के भी लाले पड़ने पर मजदूर ने मौत को गले लगा लिया। उसका शव फंदे पर रोशनदान के सहारे लटका मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है। क्षेत्र के गांव दौताई निवासी 45 वर्षीय रामकिशन चौहान उर्फ रामू गल्ला मंडी में पल्लेदार और दिहाड़ी मजदूर था।
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वह कई माह पहले परिवार को लेकर गढ़ आ गया था। तहसील मुख्यालय के पीछे स्थित मुहल्ला आदर्श नगर में कमरा किराए पर लेकर रहता था। बताया गया है कि बुखार होने से वह मजदूरी पर नहीं जा पा रहा था, जिससे जेब खाली होने पर पत्नी समेत 8 बच्चों की गुजर बसर और दवा तक का इंतजाम नहीं हो पा रहा था।

दुकानदार उधार में सामान देने को तैयार नहीं था, तो तंगहाली में रिश्तेदार और परिजनों ने भी अपना हाथ खींच लिया था। बुधवार रात को पत्नी और बच्चे कमरे के बाहर गली में सोए हुए थे, जबकि रामकिशन कमरे के अंदर सो रहा था।
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सुबह आंख जागने पर पत्नी और बच्चे कमरे में पहुंचे, जहां रोशनदान के सहारे फंदे पर रामकिशन का शव लटका देख उनकी चीख निकल गई। रोने चीखने की आवाज सुनकर आसपास में रहने वाले कई लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फंदे पर लटके  शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।

मृतक की पत्नी गीता का कहना है कि पति मजदूरी करते थे और वह घरों में साफ सफाई करती है। बुखार आने के बाद पति काम पर नहीं जा पा रहे थे। जिससे आर्थिक तंगी में परिवार के सामने रोटी के भी लाले पड़ रहे थे। इसको लेकर पति कई दिनों से मानसिक तनाव में थे।

परिवार की गुजर बसर का कोई जरिया न होने पर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली है। पालिका सदस्य तिलकराम जाटव और भाजपा नेता महीपाल सिंह चौहान ने पीड़ित परिवार को शासन स्तर से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।

एसडीएम आरएन पांडेय का कहना है कि नायब तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। उसके आधार पर पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने की संस्तुति की जाएगी।
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