हापुड़। गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार में लापरवाही से प्रसूता की हालत बिगड़ने और मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने सीएमओ कार्यालय में शिकायत दी। इस पर सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर पीड़ित और अस्पताल पक्ष को सुनने के लिए कार्यालय बुलाया।
मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे अतरपुरा निवासी मृतका काजल के परिजनों मुकेश कुमार, अजय कुमार, सागर, शाहिल, कृष्णा, ओम, सुनील ने बताया कि 29 अप्रैल को काजल को गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि भर्ती करने के कुछ ही देर बाद स्टाफ ने बताया कि गर्भस्थ शिशु और मां की हालत खतरे में है। इसलिए तुरंत ही बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
ऑपरेशन के बाद काजल ने बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि काजल जैसे ही होश में आयी, उसने पेट में दर्द और सांस लेने में समस्या होना बताया। स्टाफ ने इंजेक्शन दे दिए, लेकिन आराम नहीं लगा। 30 अप्रैल की रात तबीयत अधिक बिगड़ गई। आरोप है कि महिला चिकित्सक को बताया गया लेकिन वह अगले दिन दोपहर में मरीज को देखने आईं। इससे पहले अकुशल स्टाफ ही अपनी मर्जी से इंजेक्शन देते रहे।
एक मई को काजल को मेरठ के एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि वहां चिकित्सकों ने बताया कि काजल की दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। लिवर भी काम नहीं कर रहा है। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद सेप्टिक फैलने से ऑर्गन फेल हुए। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में पीड़ित पक्ष को सुनने के लिए बुलाया गया।
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कोट
प्रकरण संज्ञान में आया है, दोनों पक्षों को सुना जा रहा है। साथ ही जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। निष्पक्ष जांच कर, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।डॉ.वेदप्रकाश, सीएमओ।