माडल स्टेशन की श्रेणी में शुमार हापुड़ रेलवे स्टेशन की पार्किंग में गड़बड़झाला सामने आया है। पार्किंग चारपहिया वाहनों की है, मगर धड़ल्ले से यहां दोपहिया वाहन खड़े किए जा रहे हैं। जिससे सीधे-सीधे रेलवे के राजस्व को नुकसान हो रहा है।
स्थानीय अधिकारी कार्रवाई को लेकर सिर्फ खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं। स्टेशन स्थित चारपहिया वाहनों के पार्किंग का ठेका वेदप्रकाश जनसेवा समिति मेरठ रोड इंद्रानगर के नाम छोड़ा गया था। जिसकी कीमत दो लाख 18 हजार 400 रुपये थी।
जबकि, पार्किंग शुल्क चार घंटे के लिए 20 रुपये, चार घंटे से 24 घंटे तक 30 रुपये व 24 घंटे से अधिक के लिए 50 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया था। इस पार्किंग में कार तो कम दोपहिया वाहन अधिक खड़े होने लगे।
कुछ लोगों ने मामले की शिकायत रेलवे अधिकारियों से की गई। मगर अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई न कर मामले को दबाने का कार्य किया। रेलवे अधिकारी कार्रवाई को लेकर उलझ गए। मामले को बढ़ता देख स्थानीय अधिकारियों ने दो बार एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
स्थानीय अधिकारी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजने की बात कह रहे हैं। ऐसे में इस मामले में गोलमाल के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, ठेकेदार तन्नु ने बताया कि नियमानुसार ठेका चल रहा है।
कई बार परिचित या कुछ स्टाफ की बाकइ जरूर खड़ी हो जाती हैं। हालांकि, ठेका अनुबंध में बाइक खड़ी करने का विकल्प भी भरा है।
स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नियमानुसार ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जा रहा है। कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। उधर, एडीआरएम संजीव मिश्रा ने बताया कि मामला गंभीर है। पूरे मामले को लेकर संबधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।