ब्रजघाट। गंगा जलस्तर में तेजी से हुई बढ़ोतरी से खादर क्षेत्र में पालेज की खेती करने वाले किसानों की फसल तेज बहाव में बह गई हैं। जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में दहशत का माहौल है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से बिना बरसात ही बाढ़ की आशंका बन रही है।
भीषण गर्मी के चलते पहाड़ों पर बर्फ पिघलने से शुक्रवार को गंगा जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होना शुरू हो गई है। पानी का रुख फसलों की ओर हो गया है। गंगा किनारे खेती करने वाले रवि कुमार ने बताया कि गंगा जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, दो दिनों में जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर तक बढ़ चुका है। उन्होंने बताया कि गंगा खादर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान पालेज की खेती करते हैं। जो कई महीनों तक अस्थाई रूप से यहां रहकर खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा समेत अन्य फसल उगाते हैं। पालेज की खेती इन किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। लगातार समस्याओं का सामना कर रहे पालेज के किसानों को जलस्तर बढ़ने से और अधिक नुकसान हो रहा है। जल स्तर बढ़ने से पालेज की काफी फसल गंगा में बह गई।
इसके अलावा ब्रजघाट में गंगा के दूसरी तरफ बने अस्थाई घाटों में भी पानी भरने लगा है, लेकिन पुरोहित इन घाटों को हटाने के लिए तैयार नहीं हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्योंकि काफी श्रद्धालु अभी भी नावों के माध्यम से इन अस्थाई घाटों पर पहुंचकर स्नान कर रहे हैं। लेकिन यहां पर सुरक्षा का कोई साधन उपलब्ध नहीं है।
एसडीएम साक्षी शर्मा का कहना है कि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इससे बाढ़ की संभावना नहीं है। जनपद अमरोहा पुलिस से वार्ता कर गंगा के दूसरी तरफ बने अस्थाई घाटों को हटवाने की कवायद भी कराई जाएगी।