ब्रजघाट। पहाड़ों की बारिश, बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने से बृहस्पतिवार को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट का निशान के निकट पहुंच गया है। जिससे निचले जंगल और संपर्क रास्तों तथा गंगानगर गांव में पानी पहुंच चुका है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 38 सेंटीमीटर दूरी पर रह गया है।
पहाड़ों के साथ ही मैदानी क्षेत्र में बारिश होने के कारण गढ़ खादर क्षेत्र के गांवों में फिर से बेचैनी बढ़ती जा रही है। पिछलें दिनों गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई। लेकिन एक बार फिर से गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो गई है। वहीं बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया है। गंगा में उफान से खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है, जो पशुओं के लिए हरे चारे को लेकर परेशान हैं।
बाढ़ नियंत्रण आयोग के सूत्रों का कहना है कि बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे तक ब्रजघाट गंगा का जलस्तर समुद्रतल से 198.32 मीटर के निशान पर पहुंच गया। जलस्तर येलो निशान (198.33 मीटर) को कभी भी पार कर सकता है। जबकि खतरे का निशान 198.77 से मात्र 38 सेंटीमीटर की दूरी पर है।
गंगा के टापू में बसे गंगानगर में घुसा पानी
बाहर निकलने के सभी रास्ते जलमग्न होने से लोगों में दहशत फैल गई है। सर्वाधिक खतरा गंगा के रेतीले टापू में बसे गांव गंगानगर को हुआ है। बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ने के बाद गांव में करीब दो फुट पानी भर गया है। उफनती गंगा और चारों तरफ घना अंधेरा होने से गांव में रहने वाले 120 परिवारों को बाहर निकलने का कोई उपाय नहीं सूझ पा रहा है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
बृहस्पतिवार को एडीएम संदीप कुमार, एसडीएम साक्षी शर्मा, सीओ आशुतोष शिवम के साथ ब्रजघाट पहुंचे। जिन्होंने जलस्तर का निरीक्षण किया। वहीं तट पर मौजूद एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ से निपटने को लेकर गंगा में मॉक ड्रिल की।
कोट -
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर तहसीलदार को निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। उनकी नई तैनाती हुई है। खादर क्षेत्र का निरीक्षण कर लोगों को जलस्तर के प्रति जागरूक करने के लिए कहा जा रहा है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट किया गया है। जलस्तर पर निरंतर निगाह बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं। - साक्षी शर्मा एसडीएम