खादर क्षेत्र में हर साल बाढ़ से किसानों की फसलें तबाह हो जाती हैं। जैसे ही बरसात का मौसम आता है, किसानों के लिए मुसीबत पैदा हो जाती है। बीते वर्षों की तरह इस साल भी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ से तबाही मची हुई है। लठीरा गांव को जाने के लिए तो नाव और ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ रहा है।
पशुओं के चारा लाने के लिए हो रही है परेशानी
चक लठीरा ग्राम प्रधान निरंजन सिंह ने बताया कि गांव के मकानों तक पानी बह रहा है। जहां जहां पशुओं को बांधने की व्यवस्था है वह भी जलभराव हो रहा है। ऐसे में पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दिया गया भूसा भी खत्म हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
क्या बोले अधिकारी
गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गांवों में निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रामीणों को निरंतर जागरुक होने के लिए अपील की गई है। प्रशासन की ओर से जो भी मदद है वह दी जा रही है।
-श्रीराम सिंह एसडीएम