हापुड़। सर्दी में विटामिन डी की कमी से मरीजों में मांसपेशियों और हड्डी का दर्द बढ़ गया है। हर तीसरे मरीज में यह समस्या मिल रही है। व्यस्कों के साथ बच्चे भी परेशान हैं। बुधवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की काफी भीड़ रही।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. कपिल गौतम ने बताया कि जो भी हम खाते हैं उसमें पौषक तत्व होते हैं। इसमें विटामिन-डी भी एक महत्वपूर्ण है। इससे ही हड्डियों में पाया जाने वाला कैल्शियम बनता है, लेकिन खान-पान में संतुलित और पौष्टिक आहार की कमी के कारण विटामिन-डी कम बन रहा है।
इसके कारण हड्डियां कमजोर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आए ऐसे मरीजों की जांच कराई गई है, लंबे समय तक चले सर्वे में हजारों लोग ऐसे मिले हैं, जिनकी हड्डियां कमजोर हैं। इनमें विटामिन-डी की भारी कमी पाई गई है। ऐसे मरीजों को हड्डियों का दर्द, जोड़ों में परेशानी, चलने में परेशानी, घुटने चटकने समेत कई तरह की शिकायतें रहती हैं। उन्होंने बताया कि सूर्य की धूप विटामिन-डी का अच्छा स्रोत है। हमें दिन में कुछ समय आवश्यक ही धूप में बैठना चाहिए। इसके साथ ही शारीरिक श्रम करना चाहिए, इनसे हड्डियां मजबूत होती हैं।
इस तरह दूर करें समस्या-
* सूरज की धूप अवश्य लें।
* शारीरिक श्रम करते रहें, इससे हड्डी मजबूत होती हैं।
* मांसाहार में मच्छली और अंडे का पीला भाग विटामिन-डी का अच्छा स्रोत है।
* दूध, पनीर से कैल्शियम की पूर्ति होगी।
* बहुत से ड्राई फ्रूट विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं।
कोट -
शरीर में इन तत्वों की पूर्ति के लिए खान पान के साथ दवाएं भी शुरू करें। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं हैं। काउंसलिंग भी कराई जा रही है।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।