डीएम कृष्णा करुनेश ने कहा कि विटामिन- ए एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो शरीर की प्रतिरक्षण क्षमता को बढ़ाकर आंखों को स्वस्थ रखता है। छोटे बच्चों को विटामिन ए की बेहद आवश्यकता होती है, क्योंकि इसकी कमी से शरीर में कई प्रकार की कमजोरी आ जाती है और प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
डीएम बुधवार को स्वयं के गोद लिए गांव ट्याला में आयोजित बाल स्वास्थ्य पोषण माह के शुभारंभ के दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिला रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि शरीर में विटामिन-ए सही मात्रा में है तो बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है।
इसके अलावा जहां खसरे से होने वाली मृत्यु में कमी आती है वहीं दस्त से होने वाली मौत का ग्राफ भी कम होता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि वह 6 माह के अंतराल पर 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की नियमित खुराक दिलवाएं, ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।
यूनिसेफ के डीएमसी रोहित कुमार सिंह ने बाल स्वास्थ्य पोषण माह की बारीकियों का जिक्र करते हुए आयोडीन व इसकी कमी से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि आयोडीन शरीर में एक हार्मोन तैयार करने में मदद करता है जो बच्चों के विकास में सहायक होता है। इस मौके पर डॉ. वेद प्रकाश, डा. राजेंद्र गुप्ता, एएनएम जय कुमारी, सीएमसी रेखा, संजीदा का सहयोग रहा।