हापुड़। जिले में आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। हाल यह है कि घर-घर में आई फ्लू के मरीज हैं, बीते सात दिनों में मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। सोमवार को गढ़ रोड स्थित सीएचसी में ओपीडी में करीब 90 नेत्र रोगी पहुंचे। वहीं मेडिकल स्टोर पर भी दवाओं की किल्लत हो गई है। चिकित्सक भी महंगी दवाएं लिख रहे हैं।
मौसम में बदलाव का असर बच्चों और बड़ों की सेहत के साथ आंखों पर भी पड़ रहा है। भारी संख्या में लोग आंखों के संक्रमण (वायरल कंजक्टिवाइटिस) की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक सात दिन में तीन गुना मरीज बढ़े हैं। हाल यह है कि हर-घर में आई फ्लू के मरीज हैं। जिसके कारण बाजार में एकाएक आई ड्रॉप की मांग बढ़ गई है। मेडिकल स्टोरों पर भी पुराना स्टॉक खत्म हो गया है। मांग बढ़ने के कारण दस रुपये में मिलने वाला जेनेरिक ड्रॉप तीस रुपये में मिल रहा है।
सोमवार को भी 90 मरीज आंखों में संक्रमण का इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने उनको दवाएं देने के साथ ही बचाव के उपाय भी बताए हैं। चिकित्सकों की माने तो सात दिन पहले करीब 20 से 30 मरीज ऐसे आ रहे थे। जबकि अब संख्या बढ़ गई है। बड़ी बात है कि निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज महंगा हो रहा है। कुछ चिकित्सक मरीजों को महंगी आई ड्रॉप लिख रहे हैं। मेडिकल स्टोर पर भी आई ड्रॉप की किल्लत बढ़ गई है। मजबूरी में मरीजों को महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि आई फ्लू होने पर कई बार लोग बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवा का इस्तेमाल करते हैं। यह बेहद खतरनाक हो सकता है। आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। विशेषज्ञ की सलाह के बिना किसी दवा का इस्तेमाल न करें।