आरोप है कि अशोक, कपिल, नन्हे, खजान, विपिन और अजय ने वन दरोगा जयपाल सिंह, वन दरोगा मुकेश त्यागी और चौकीदार छत्रपाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की। हमले में वन कर्मियों को चोटें आईं। आरोपियों ने मौके पर मौजूद सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना के बाद वन दरोगा जयपाल सिंह कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की तहरीर पुलिस को दी।
वहीं, इस प्रकरण में ग्रामीणों की ओर से भी आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान वन विभाग के कुछ अधिकारियों ने घर के बाहर खड़ी बुग्गी के टायर फाड़ दिए। इसको लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान सरकारी कर्मचारियों पर हमला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। इस घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में रोष है और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग की है।
यह बोले अधिकारी-
सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर गढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है, वहीं, ग्रामीणों द्वार लगाए गए आरोपों की भी जांच कराई जा रही है।